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शरीर में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ाती हैं ये चीजें, परहेज है जरूरी

हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से हृदय संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। आइए उन कारणों के बारे में जानते हैं जिसे कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ता है।

high Cholesterol increase heart attack

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Freepik)

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कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी मदद से शरीर में कोशिकाएं और विटामिन डी बनता है। हमारे लिवर को प्राकृतिक रूप से कोलेस्ट्रॉल की जरूरत पड़ती है। वहीं, खराब खान पान और सेडेंटरी लाइफस्टाइल की वजह से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ जाता है। शरीर में दो तरह का कोलेस्ट्रॉल बनता है। गुड कोलेस्ट्रॉल को हेल्दी फैट कहा जाता है। वहीं, बैड कोलेस्ट्रॉल सेहत के लिए हानिकारक होता है।  हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।

 

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (CDC) के मुताबिक अगर किसी का कोलेस्ट्रॉल 200 mg| dl से ज्यादा है तो कोलेस्ट्रॉल का लेवल हाई है। अगर इससे कम है तो वह व्यक्ति स्वस्थ है। आइए उन कारणों के बारे में जानते हैं जिसकी वजह से कोलस्ट्रॉल का लेवल शरीर में तेजी से बढ़ता है।

 

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बहुत ज्यादा कॉफी पीना

 

अधिक मात्रा में कॉफी पीने से कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ता है। इसकी वजह से बीपी भी बढ़ता है। 2023 की स्टडी के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति एक दिन में 4 कप से ज्यादा कॉफी पीता है तो बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ता है। 2018 की स्टडी के अनुसार, अधिक मात्रा में एस्प्रेसो कॉफी पीने वाले लोगों में कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई पाया गया। आप कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने के लिए कॉफी की जगह ग्रीन टी पी सकते हैं।

 

तनाव

 

तनाव लेने की वजह से कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ता है। ऐसे कोर्टिसोल हार्मोन की वजह से होता है। कोर्टिसोल को स्ट्रेस हार्मोन कहा जाता है। 2020 की स्टडी में बताया गया था कि अगर शरीर में अधिक मात्रा में कोर्टिसोल हार्मोन प्रोड्यूस होता है तो कोलेस्ट्रॉल का लेवल भी ज्यादा होता है। तनाव को कम करने के लिए एक्सरसाइज, मेडिटेशन और ब्रीथिंग एक्सरसाइज करें।

 

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धूम्रपान 

 

धूम्रपान करने से कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ता है। दरअसल सिगरेट में निकोटीन होता है। निकोटीन शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करता है और बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। कोलेस्ट्रॉल के लेवल को नियंत्रण में रखने के लिए धूम्रपान छोड़ दें।

 

प्रेग्नेंसी

 

प्रेग्नेंसी में कोलेस्ट्रॉल का लेवल प्राकृतिक रूप से 30 से 40 % तक बढ़ जाता है। कोलेस्ट्रॉल भ्रूण के विकास के लिए बहुत जरूरी होता है। प्रेग्रेंसी में कोलेस्ट्रॉल के लेवल प्रोजेस्ट्रॉन, एस्ट्रोजन समेत अन्य हार्मोन की वजह से बढ़ जाता है। डॉक्टर्स कोलेस्ट्रॉल के लेवल को नियंत्रित रखने के लिए खान पान में बदलाव करते हैं। साथ ही दवाइयां भी देते हैं।

 

अचानक वजन घटना

 

अचानक वजन घटने का मतलब है कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ गया है। 2023 में एक स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों ने वजन घटाने के लिए कीटोजेनिक डाइट फॉलो की थी। उनके शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ गया था। इसलिए अगर आप वजन घटाना चाहते हैं तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार डाइट फॉलो करें। इसके अलावा कुछ दवाइयों को लेने से भी शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ता है।

 

हाई कोलेस्ट्रॉल आज के समय में हृदय के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है। कोलेस्ट्र्रॉल की वजह से हार्ट की आर्टरीज ब्लॉक हो जाती है। इस वजह से हार्ट अटैक आने का खतरा बढ़ जाता है। हृदय की बीमारियों को दूर रखने के लिए फिजिकल एक्टिविटी करना बेहद जरूरी है।

 

 


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