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बारिश में मुंहासे और फंगल इन्फेक्शन से हैं परेशान, ऐसे करें बचाव

बारिश के मौसम में त्वचा संबंधी परेशानियां बढ़ जाती है। इस मौसम में पिंपल्स, खुजली, लाल चकत्ता और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं इस मौसम में त्वचा का ख्याल कैसे रखें।

skin problem rainy season

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: freepik)

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बारिश का मौसम तपती गर्मी से भले ही राहत दिलाता है लेकिन इस मौसम में हवा में नमी बढ़ जाती है। नमी की वजह से चिपचिपाहट होने लगती है और पसीना भी अधिक आता है। खासतौर से त्वचा के लिए यह मौसम नुकसानदायक होता है। इस मौसम में पिंपल्स, स्किन रैशेज, एक्जिमा, खुजली और फंगल इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं इस मौसम में सबसे ज्यादा कौन सी समस्याएं परेशान करती हैं और इनसे कैसे बचाव कर सकते हैं।

 

हमने इस बारे में पीजीआई के स्किन विशेषज्ञ डॉक्टर वरुण से बात की। उन्होंने बताया कि इस मौसम में त्वचा से जुड़ी समस्या बढ़ जाती है। 'बारिश के मौसम में हवा में नमी और प्रदूषण की वजह से स्किन एलर्जी होती है जिसकी वजह से चेहरे पर मुंहासे (एक्वने) की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए सीटीएम रूटीन फॉलो करें। इसके अलावा फंगल इन्फेक्शन का भी खतरा बढ़ जाता है।

 

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बारिश के मौसम में बढ़ जाती हैं स्किन की समस्याएं

क्लींजिंग- इस मौसम में त्वचा को क्लींज करना बिल्कुल ना भूलें। क्लींजिंग से त्वचा फ्रेश और हेल्दी नजर आती है। इस मौसम में पसीने की वजह से त्वचा में गदंगी आसानी से जम जाती है इसलिए त्वचा को क्लींजर से साफ करें।

 

मॉश्चराइजिंग- बारिश की मौसम में त्वचा ड्राई हो जाती है जिस वजह से खुजली की समस्या हो सकती है। ऐसे में त्वचा को हाइड्रेट रखने के लिए लाइट वेट या वॉटर बेस्ड मॉश्चराइज लगाएं।

 

टोनिंग- बारिश के मौसम में हवा और पानी में मौजूद सूक्ष्म कीटाणु की वजह से इफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में एंटी बैक्टीरियल टोनर का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर आपको एक्ने की समस्या हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही किसी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें।

 

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फंगल इन्फेक्शन- बारिश के मौसम में नमी बढ़ने की वजह से फंगल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। आमतौर पर पैरों, हाथों और अंडरआर्म्स में फंगल इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है।

 

फंगल इन्फेक्शन की वजह से खुजली, जलन जैसे लक्षण हो सकते हैं। पांव में फंगल इन्फेक्शन होना सबसे आम समस्या है। इसलिए पैरों को सूखाकर रखें। एंटी फंगल साबुन का इस्तेमाल करें ताकि स्किन ड्राई ना हो। नहाने के बाद एंटीफंगल पाउडर का भी इस्तेमाल करें। अगर फंगल इन्फेक्शन ठीक नहीं हो रहा तो डॉक्टर से सलाह लें।

 

दाने और रैशेज- बारिश में त्वचा पर दाने और रैशेज की समस्या बढ़ जाती है। खासतौर से बच्चों को दाने और रैशेज की समस्या हो जाती है।

कैसे करें बचाव

  • शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए खूब सारा पानी पिएं, ताजे मौसमी फल और सब्जियां खाएं।
  •  इस मौसम में चेहरे को दो बार माइल्ड फेशवॉश से साफ करें। ऑयली स्किन वाले वॉटर बेस्ड मॉश्चराइजर का इस्तेमाल करें।
  • त्वचा को सूखा और साफ रखें। इस मौसम में हल्के सूती के कपड़े पहनें जो आसानी से पसीना सोख सकें। 
  • गीले जूते मौजे पहनने से बचें।
  • नहाने के समय एंटीबैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल करें
  • डॉक्टर की सलाह लिए बिना किसी भी प्रोडक्ट का इस्तेमाल ना करें क्योंकि हर व्यक्ति का स्किन टाइप अलग है।
  • फंगल इफेक्शन से बचने के लिए एंटी फंगल पाउडर का इस्तेमाल करें।

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