logo

मूड

ट्रेंडिंग:

इरावती कार्वे की कहानी क्या है?

तस्वीर: इंडियन एक्सप्रेस/योगेश पाटिल

शेयर करें

भारत की पहली महिला मानवविज्ञानी इरावती कार्वे के असाधारण जीवन की कहानी "किस्सा" के इस रोचक एपिसोड में जानिए। 1905 में बर्मा में जन्मीं इरावती ने औपनिवेशिक बंधनों को तोड़ते हुए पुणे में परंजपे परिवार के मार्गदर्शन में शिक्षा प्राप्त की और अपने परिवार की अवज्ञा करते हुए दिनकर कार्वे से प्रेम विवाह किया। जर्मनी में किए गए उनके अभूतपूर्व शोध-प्रबंध ने खोपड़ी के अध्ययन के माध्यम से नस्लीय श्रेष्ठता को गलत साबित करके नाज़ी सुजननवाद को चुनौती दी। भारत लौटने पर उन्होंने दक्कन कॉलेज में मानवविज्ञान विभाग की स्थापना की, जातियों पर क्षेत्र अनुसंधान किया और महाभारत के पितृसत्तात्मक समाज और महिलाओं की दुर्दशा की आलोचना करते हुए "युगंत" जैसी विचारोत्तेजक पुस्तकें लिखीं। उनकी विरासत: बुद्धि जीव विज्ञान से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

Ad Banner

ट्रेंडिंग वीडियो


और देखें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap