logo

मूड

ट्रेंडिंग:

स्मार्टफोन में पहले से आधार ऐप जरूरी नहीं, सरकार ने प्रस्ताव वापस लिया

भारत सरकार ने फैसला लिया है कि अब से स्मार्टफोन कंपनियों को अपने फोन में आधार ऐप को पहले से इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं है।

Aadhaar App

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- Sora

शेयर करें

google_follow_us

भारत सरकार ने स्मार्टफोन कंपनियों को लेकर एक अहम फैसला लिया है। इस फैसले के मुताबिक स्मार्टफोन कंपनियां को अपने फोन में 'आधार ऐप' (Aadhaar App) को पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य नहीं है। भारत के आईटी मंत्रालय ने पहले आधार ऐप को बढ़ावा देने के लिए प्रस्ताव रखा था कि सभी स्मार्टफोन कंपनियां अपने डिवाइस में पहले से इंस्टॉल रखें, जिसके बाद एप्पल और सैमसंग जैसी बड़ी कंपनियों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था। अब भारतीय सरकार ने इस प्रस्ताव को खारिज करके स्मार्टफोन कंपनियों को बड़ी राहत दी है।


भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने भारतीय आईटी मंत्रालय को सुझाव दिया था कि इस प्रस्ताव को लेकर स्मार्टफोन कंपनियों से बातचीत करें। आईटी मंत्रालय और स्मार्टफोन कंपनियों के बीच सलाह हुई और यह फैसला लिया गया कि अब आधार ऐप को पहले से इंस्टॉल कराने की जरूरत नहीं है। हालांकि आईटी मंत्रालय ने पिछले 2 साल में छह बार ऐप के पहले इंस्टॉल करने की मांग की थी। यह फैसला शुक्रवार यानी 17 अप्रैल के दिन लिया गया था।

 

यह भी पढ़ें: LPG सिलेंडर बुकिंग पर नया अपडेट, सरकार के नए नियम जानकर चौंक जाएंगे

क्या है आधार ऐप?


यह एक ऐसा ऐप है जिसमें किसी भी व्यक्ति का आधार कार्ड डिजिटल तरीके से उपलब्ध होता है। इस ऐप की सहायता से व्यक्ति अपना 12 अंकों का यूनिक आइडेंटिटी नंबर देख सकता है। भारत में फिलहाल 1.34 अरब लोग इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं।


स्मार्टफोन कंपनियों ने प्रस्ताव का विरोध क्यों किया?


आधार ऐप के प्री-इंस्टॉल को लेकर स्मार्टफोन कंपनियां चिंतित थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई स्मार्टफोन कंपनियों को चिंता थी कि इस ऐप को पहले इंस्टॉल करने से यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है। इसी वजह से एप्पल और सैमसंग जैसी स्मार्टफोन कंपनियों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था और यूजर के डेटा सेफ्टी को लेकर चिंता जताई थी।

 

यह भी पढ़ें: टेक्सटाइल वेस्ट का बढ़ता बोझ, हम कैसे पुराने कपड़ों को करा सकते हैं रिसाइकिल?


इसके अलावा सबसे बड़ी परेशानी यह है कि स्मार्टफोन कंपनियां अपने फोन को ग्लोबल मार्केट में बेचती हैं और इस ऐप की वजह से कंपनियों का काम बढ़ जाता और स्मार्टफोन को ग्लोबल मार्केट में बेचने में दिक्कत हो सकती थी।

Related Topic:#Utility News

और पढ़ें