logo

मूड

ट्रेंडिंग:

गेमिंग की लत के क्या हैं लक्षण? देश में करोड़ों एडिक्टेड गेमर, जानें आंकड़े

भारत में स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच के साथ ऑनलाइन गेमिंग अब सिर्फ खाली समय बिताने का जरिया नहीं, बल्कि एक खतरनाक मानसिक बीमारी में बदल चुका है।

online gaming addiction

सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit: Meta AI

शेयर करें

google_follow_us
Advertisement

भारत में ऑनलाइन गेमिंग का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। स्मार्टफोन और सस्ते इंटरनेट की वजह से करोड़ों युवा रोजाना घंटों गेम खेल रहे हैं। हालांकि, यह शौक अब कई मामलों में लत का रूप लेता जा रहा है। भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी आई फॉर सी (I4C) ने हाल ही में गेमिंग एडिक्शन को लेकर एक खुलासा किया और चिंता जताई है।

 

सरकारी एजेंसी ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (NIMHANS) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि कई गेम इस तरह डिजाइन किए जाते हैं कि खिलाड़ी बार-बार उन्हें खेलें। गेम खेलने के दौरान दिमाग में डोपामिन नामक रसायन निकलता है, जो खुशी का एहसास कराता है। यही कारण है कि खिलाड़ी बार-बार गेम खेलने की इच्छा महसूस करता है और धीरे-धीरे यह आदत लत में बदल सकती है।

 

यह भी पढ़ें: अंतरिक्ष में दुश्मन पर रख सकेगा नजर, भारत ने बनाया एक बेहरीन सैटेलाइट

गेमिंग लत के क्या हैं लक्षण?

I4C के मुताबिक, गेम एडिक्शन के शिकार युवाओं के व्यवहार में खतरनाक बदलाव देखे जा रहे हैं।

  • घंटों तक लगातार गेम खेलना
  • हारने पर अत्यधिक गुस्सा या चिड़चिड़ापन
  • समय पर खाना न खाना या बात न सुनना
  • पढ़ाई में गिरावट या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी
  • अगर ये संकेत दिखें, तो सतर्क हो जाना जरूरी है।

यह भी पढ़ें: G नहीं Jmail, एपस्टीन फाइल्स तो ऐसे मिलेंगी जैसे जेफरी का ईमेल हैक कर लिया हो

आंकड़ों पर डालें नजर

आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति चिंताजनक है। ई-गेमिंग फेडरेशन के अनुसार, भारत में 40 करोड़ से अधिक गेमर्स हैं, जिनमें लगभग 70 प्रतिशत की उम्र 24 वर्ष से कम है। अनुमान है कि इनमें से 15 से 20 प्रतिशत लोग गेमिंग की लत से प्रभावित हो सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गेमिंग डिसऑर्डर को मानसिक बीमारी की श्रेणी में शामिल किया है। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) और निमहांस (NIMHANS) की स्टडी भी बताती हैं कि रोजाना दो घंटे से अधिक गेम खेलने वाले युवाओं में लत का खतरा ज्यादा होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 8 करोड़ लोग गेमिंग के आदी हैं।


और पढ़ें