logo

ट्रेंडिंग:

#magadh samrajya

advertisement

चुनाव

कर्पूरी ठाकुर और मोरारजी देसाई के झगड़े में कैसे डूब गई जनता पार्टी?

कांग्रेस के विरोध में बनी जनता पार्टी का पतन उसके नेताओं के आपसी टकराव की वजह से ही हो गया। जो पार्टी बनना चाह रही थी, उसके बिखराव की कहानी पढ़िए।

चुनाव

खूब बदले CM, जमकर हुई हिंसा, 1975 से 1990 के बिहार की कहानी

बिहार में 1975 से 1990 के बीच बहुत कुछ ऐसा घटा जिसके नतीज आज भी देखने को मिलते हैं। इसी दौर में बिहार ने लगातार मुख्यमंत्री बदलते भी देखे।बिहार में 1975 से 1990 के बीच बहुत कुछ ऐसा घटा जिसके नतीज आज भी देखने को मिलते हैं। इसी दौर में बिहार ने लगातार मुख्यमंत्री बदलते भी देखे।

चुनाव

अंग्रेजी पर सियासत और बिहार के 'कर्पूरी डिवीजन' की कहानी क्या है?

बिहार में लंबे समय तक अंग्रेजी भाषा की परीक्षा देना अनिवार्य था लेकिन कर्पूरी ठाकुर ने इसे बदलकर दिखाया। उन्होंने एक ऐसा फैसला किया जिसने बिहार को बदल दिया।

चुनाव

बिहार में कैसे हारने लगी कांग्रेस? पढ़िए गलतियों की कहानी

लंबे समय तक देश और बिहार की सत्ता पर काबिज रही कांग्रेस ने कुछ ऐसी गलतियां कीं जिनसे वह न सिर्फ बिहार हारी बल्कि आज तक अपने दम पर कभी वापसी नहीं कर पाई।

चुनाव

आजादी के बाद का पहला दशक, कैसे जातीय संघर्ष का केंद्र बना बिहार?

देश के इतिहास में बिहार का हिस्सा बेहद रोचक और हैरान करने वाली घटनाओं से भरा है। इसी बिहार में महात्मा गांधी की बात अस्वीकार कर दी जाती है और पूरा राज्य जातिगत टकराव की ओर बढ़ जाता है।

विशेष

देश को आजादी मिलने से पहले दंगों में क्यों जला बिहार?

जिस बिहार में कभी अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी ने सत्याग्रह किया, उसी बिहार में भीषण दंगे हुए। सैकड़ों लोग मारे गए और आजादी की सुबह तक बिहार दर्द में ही रहा।

विशेष

मगध और वैशाली जैसे महाजनपदों से बिहार राज्य कैसे बना?

बिहार का इतिहास बेहद समृद्ध रहा है। कभी यहां महाजनपद रहे तो कभी मुगलों ने राज किया, कभी अंग्रेजों का शासन आया तो आजादी की जंग का प्रमुख केंद्र भी बिहार ही रहा।