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देश

मानहानि केस में धोनी को क्यों देने होंगे 10 लाख रुपये?

MS धोनी एक केस की वजह से खबरों में आ गए हैं। इसमें धोनी ने 100 करोड़ रुपये का मानहानि का केस किया है। अब उन्हें इस केस में 10 लाख रुपये जमा करने होंगे।

राज्य

'लिव-इन में महिला को मिले पत्नी का दर्जा', HC कोर्ट ने दिया फैसला

मद्रास हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिलाओं को पत्नी जैसा दर्जा मिलना चाहिए।

राज्य

कार्तिगई दीपम: जला सकेंगे मशाल, हाई कोर्ट ने बरकरार रखा फैसला

कार्तिगई दीपम विवाद में सिंगल बेंच के फैसले को बरकरार रखते हुए मद्रास हाई कोर्ट ने कहा है कि इस मामले पर बेवजह की राजनीति की जा रही है।

देश

सरकारी योजना में नेता का नाम और तस्वीर छापना गलत नहींः SC

तमिलनाडु की स्टालिन सरकार के खिलाफ एआईएडीएमके ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका डाली थी जिसके बाद कोर्ट ने सरकारी योजना में नेता के नाम और तस्वीर का प्रयोग किए जाने पर रोक लगा दी थी।

राज्य

स्टालिन पर योजना का नाम रखने से मद्रास हाई कोर्ट की रोक

मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को जीवित नेतओं पर सरकारी योजनाओं का नाम रखने से रोक दिया है। कोर्ट ने कहा है कि इससे योजनाओं का राजनीतिकरण होता है।

देश

अस्पताल ज्यादा या शराब के ठेके? आंकड़े जानकर हो जाएंगे हैरान

एक मामले पर मद्रास हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार अस्पताल बनवाती है और दूसरी तरफ शराब के ठेके भी खुलवाती है। ऐसे में जानते हैं कि देश में शराब के ठेकों की तुलना में अस्पताल कितने हैं?

देश

कुणाल कामरा को 7 अप्रैल तक शर्तों के साथ मिली अंतरिम जमानत

कुणाल कामरा को मद्रास हाई कोर्ट ने अंतरिम अग्रिम जमानत दे दिया है। उनके खिलाफ उनके एक पैरोडी गाने के बाद महाराष्ट्र में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

देश

FIR से राहत के लिए मद्रास हाई कोर्ट पहुंचे कुणाल कामरा

कुणाल कामरा ने एफआईआर के खिलाफ राहत के लिए मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपने एक पैरोडी गाने में ‘गद्दार’ शब्द का प्रयोग किया था।

राज्य

प्रेस की स्वतंत्रता पर मद्रास हाईकोर्ट ने क्या-क्या कहा?

अन्ना यूनिवर्सिटी मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने प्रेस की स्वतंत्रता का बचाव करते हुए एक अहम टिप्पणी की। साथ ही विशेष जांच जल को जमकर लताड़ लगाई।

देश

किसिंग अपराध नहीं, मद्रास HC को ये क्यों कहना पड़ा?

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि किशोरावस्था में प्रेम प्रसंग में चल रहे दो लोगों के बीच गले लगना या चूमना स्वभाविक है। किसी भी तरह से यह IPC की धारा 354-A(1)(i) के तहत अपराध नहीं हो सकता।