उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में पुलिस ने 10 जिम मालिकों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगा दिया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने 'जिम जिहाद' नाम से एक रैकेट चलाया, जिसमें हिंदू महिलाओं को जिम ट्रेनिंग के बहाने फंसाया जाता था। उन्हें जबरन इस्लाम धर्म कबूल कराया जाता था और उनका यौन शोषण किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, इन 10 आरोपियों को जनवरी-फरवरी में गिरफ्तार किया गया था। सभी अभी जेल में हैं। शिकायत करने वाली कुछ महिलाओं के बयानों के आधार पर जिमों को सील कर दिया गया था। जांच में पता चला है कि 50 से ज्यादा महिलाएं इस साजिश का शिकार हो सकती हैं।
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महिलाओं को ब्लैकमेल करते थे जिम ट्रेनर
मुख्य आरोपी इमरान खान समेत सभी पर पहले भारतीय न्याय संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि ये लोग महिलाओं से शारीरिक संबंध बनाते, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते, पैसे ऐंठते और जबरन धर्म बदलवाते थे।
गैंगस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
जांच के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने के बाद अब गैंगस्टर एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं। इसके तहत इनके अवैध तरीके से कमाए गए संपत्तियों को भी जब्त करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इनके तार और किन राज्यों के अपराधियों से जुड़े हैं।
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किसके इशारे पर चल रहा था धर्मांतरण रैकेट?
मिर्जापुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सिटी) नितेश सिंह के मुताबिक, गैंग का सरगना इमरान खान है। 9 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की गई है। यह मामला 19 जनवरी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम और आईटी अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था।
क्यों पुलिस ने जोड़ा गैंगस्टर एक्ट?
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान पर्याप्त सबूत थे, जो इशारा कर रहे थे कि यह मामला, संगीन है। अब पुलिस ने यूपी गैंगस्टर्स एंड एंटी-सोशल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट के तहत आरोप जोड़े हैं। आरोपियों की संपत्तियों की पहचान की जाएग और उनहें जब्त किया था।