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तृणमूल कांग्रेस ने दो विधायकों को पार्टी से निकाला, वजह क्या रही?

टीएमसी ने सोमवार को अपने दो विधायकों को पार्टी से निकाल दिया। दोनों विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधि में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए निकाला गया है।

TMC expels two MLAs

ममता बनर्जी।

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारते ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी के ऊपर जांच बैठने के बीच टीएमसी ने सोमवार को अपने दो विधायकों को पार्टी से निकाल दिया। टीएमसी ने दोनों विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधि में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए निकाला है।

 

तृणमूल कांग्रेस ने जिन विधायकों को पार्टी से निकाला है उनमें- संदीपन साहा और रीताब्रत बनर्जी शामिल हैं। 

 

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टीएमसी ने नोटिस में क्या कहा?

तृणमूल कांग्रेस 1 जून को दोनों विधायकों को अलग-अलग पार्टी से निकालने का नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि दोनों विधायक टीएमसी द्वारा बुलाई गई बैठकों में बार-बार बुलाने पर भी मीटिंग में शामिल नहीं हुए। नोटिस में कहा गया है कि पार्टी ने जांच में पाया कि दोनों विधायक ऐसी गतिविधियों में लिप्त थे और ऐसे बयान दे रहे थे जो टीएमसी के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले थे।

 

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आलाकमान ने लिया फैसला

नोटिस में कहा गया, 'मामले पर ठीक से सोचने के बाद, टीएमसी आलाकमान ने आपको तुरंत पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निकालने का फैसला किया है।' पार्टी ने आगे कहा कि निकाले जाने के बाद, नोटिस जारी होने की तारीख से दोनों विधायक तृणमूल कांग्रेस से जुड़े किसी भी पद, जिम्मेदारी या खास अधिकार को नहीं रखेंगे।

संदीपन साहा की आई प्रतिक्रिया

हालांकि नोटिस में दोनों विधायकों की पार्टी विरोधी गतिविधियों के बारे में नहीं बताया गया है। वहीं, टीएमसी से निकाले जाने के बाद विधायक संदीपन साहा ने कहा, 'इस पार्टी में, जो कोई भी नैतिकता की बात करेगा उसे पार्टी के खिलाफ काम करने वाला माना जाएगा। सिर्फ इसलिए क्योंकि पार्टी खुद कोई नैतिक काम नहीं करती है। अगर आज हमें नैतिकता बनाए रखने के लिए पार्टी से सस्पेंड किया गया है, तो हम सच में बहुत खुश हैं। नैतिक काम करना हर विधायक का फर्ज है, और हमने वही किया है।'

 

 

 

 

किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा साफ इनकार किया। साहा ने कहा, 'नहीं, ऐसा कुछ नहीं है। मैं इसके बारे में क्यों सोचूंगा?'

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