logo

ट्रेंडिंग:

एक प्रथा ऐसी भी! जिंदा बकरों को दांत से काटा, फिर मरने के लिए छोड़ा; FIR दर्ज

तेलंगाना के जगतियाल जिले में पुरानी परंपरा का पालन करते हुए बकरों को दांत से काटकर उन्हें मरने के लिए छोड़ दिया जाता है।

jagtial goat

प्रथा का पालन करने लोग। Photo Credit- Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

तेलंगाना के जगतियाल जिले में एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाएं। दरअसल, जगतियाल के रायकल कस्बे के एक मंदिर में 3 फरवरी को भीमन्ना जातरा (पारंपरिक धार्मिक उत्सव) के दौरान 50 बकरों की लोगों ने मुंह से काटकर बलि दी। इस तरह से बकरों की बलि देने का तरीका बेहद क्रूरता भरा है। रिपार्ट्स के मुताबिक, मुंह से बकरों का गला काटने के बाद उन्हें तड़पने के लिए जमीन पर छोड़ दिया गया। बकरे जमीन पर पड़े-पड़े असहनीय दर्द से चिल्लाते रहे।

 

इस क्रूर उत्सव की घटना का वीडियो लोगों ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। वीडियो में कुछ लोग पारंपरिक रस्म के तौर पर बकरों का गला काटकर उन्हें मार रहे हैं। यह अनुष्ठान स्थानीय परंपरा 'गावु पट्टाडम' के नाम से जाना जाता है, जिसमें जिंदा जानवरों के गले पर दांतों से काटा जाता है और फिर उन्हें तड़पते हुए खून बहाते हुए मरने के लिए छोड़ दिया जाता है।

 

यह भी पढ़ें: गड्ढे में गिरकर युवक मौत, पुलिस से जल बोर्ड तक पर सवाल, नोएडा कांड से क्या सीखा?

पशु प्रेमियों की कड़ी प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोग गुस्सा दिखा रहे हैं। साथ ही पशु अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, पुरुषों ने मंदिर के अंदर इस रस्म को किया। रस्म के समय वहां बड़ी तादाद में लोग मौजूद थे। वीडियो में स्थानीय पुलिसकर्मी भी दिखाई दे रहे हैं।

 

 

 

कई लोगों पर केस दर्ज

मामला सार्वजनिक होने के बाद तेलंगाना पुलिस ने भीमन्ना जत्था के पी. सुधाकर, डी. गंगाधर और अन्य आयोजकों के खिलाफ सामूहिक पशु बलि की व्यवस्था करने और अनुमति देने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। सभी आरोपियों के ऊपर भारतीय न्याय संहिता और तेलंगाना पशु और पक्षी बलि निषेध अधिनियम के साथ में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा लगाकर एफआईआर दर्ज की गई है।

 

यह भी पढ़ें: हनीमून मर्डर केस: पढ़ाई, प्यार, या जबरन शादी, पति को क्यों मरवाया, पता चल गई बात

 

इस मामले में पशु प्रेमी अदुलपुरम गौतम नाम के शख्स ने शिकायत दर्ज कराई है। गौतम एक पशु कल्याण संगठन में क्रूरता निवारण मैनेजर के पद पर काम करते हैं। जब यह घटना हुई उन्होंने उसी शाम पुलिस को इसकी सूचना दे दी। अदुलपुरम गौतम का कहना है कि यह जानवरों के साथ सबसे क्रूर व्यवहार है, क्योंकि उन्हें जिंदा काटा गया और उन्हें मरने के लिए छोड़ दिया गया। उनका आरोप है कि आयोजन स्थल पर मौजूद किसी भी अधिकारी ने रोकने की कोशिश नहीं की, जबकि तेलंगाना के कई हिस्सों में ऐसी अवैध प्रथाएं जारी हैं।


और पढ़ें