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2030 के चुनाव तक आश्रम में रहेंगे प्रशांत किशोर, खुद ही किया एलान

चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर अब पटना के शेखपुरा हाउस में नहीं रहेंगे। उन्होंने बताया है कि वह अगले चुनाव तक एक आश्रम में रहने जा रहे हैं। 

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प्रशांत किशोर, File Photo Credit: Social Media

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जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर अभी भी बिहार में जमे हुए हैं। 2025 में करारी हार और एक भी सीट न जीत पाने के बावजूद उन्होंने कहा था कि वह बिहार छोड़कर नहीं जाएंगे। अब अलग-अलग जिलों में जाकर नए सिरे से जन सुराज का संगठन बना रहे प्रशांत किशोर ने बताया है कि अब वह पटना के बाहरी इलाके में स्थित एक आश्रम में रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया है कि वह अगले विधानसभा चुनाव यानी साल 2030 तक उसी आश्रम से ही अपना राजनीतिक काम जारी रखेंगे। प्रशांत किशोर ने यह भी उम्मीद जताई है कि उनकी पार्टी अगले चुनाव में असर छोड़ने में कामयाब होगी।

 

इसका मतलब है कि अब वह शानदार 'शेखपुरा हाउस' में नहीं रहेंगे। साल 2024 में जन सुराज की स्थापना करने के बाद से ही प्रशांत किशोर पटना एयरपोर्ट के पास बने शेखपुरा हाउस में रह रहे थे। यह बंगला उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पू्र्व सांसद उदय सिंह के परिवार का है। इस मौके पर प्रशांत किशोर ने बिहार की मौजूदा नेशनल डेमोक्रैटिक अलांयस (NDA) सरकार को भी आड़े हाथ लिया और कहा कि नीतीश कुमार तो पलायन कर गए और अपने बच्चे को नेता बना गए।

क्या बोले प्रशांत किशोर?

आश्रम में शिफ्ट होने की जानकारी देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, 'कल रात मैं पटना में दूसरी जगह पर शिफ्ट हो गा हूं। बिहार नवनिर्माण आश्रम आईआईटी पटना के पास स्थिति है और अगले विधानसभा चुनाव तक यही मेरा ठिकाना होगा। मुझे उम्मीद है कि अगले चुनाव में जन सुराज अच्छा प्रभाव डालने वाली है।' बताया गया है कि अब प्रशांत किशोर इसी जगह से अपनी पार्टी चलाएंगे और यहीं पर रहेंगे।

 

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इससे पहले वह जिस घर में रहते थे वह उदय सिंह के परिवार का है। उदय सिंह इससे पहले बीजेपी के सांसद हुआ करते थे। उनके बड़े भाई एन के सिंह भी राज्यसभा के सांसद और 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन रहे हैं। वहीं, उनकी मां माधुरी सिंह पूर्णिया से कई बार कांग्रेस की सांसद रहीं।

बिहार के दलों पर भड़के प्रशांत किशोर

बिहार के नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, 'जिन्होंने कहा कि मैं 2 लाख रुपये दूंगा, वह तो खुद पलायन कर गए और अपने बच्चे को नेता बना दिया। मैं हमेशा जन सुराज में कहता हूं कि मेरे भाई नेताओं ने अपने बच्चों की चिंता कर रही है। नेताओं का बच्चा चाहे पढ़ा-लिखा हो चाहे अनपढ़। नेता का बच्चा नेता बनेगा और आपके बच्चे मजदूरी करेंगे और बेरोजगार घूमेंगे। आपने अपने बच्चों की चिंता नहीं की, लालू, नीतीश और मोदी का चेहरा देखकर वोट दिया है तो उनके बच्चे आगे बढ़ रहे हैं।'

 

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उन्होंने यह भी कहा, 'मैंने एक और घोषणा की थी। इस बार जो मुख्यमंत्री बने हैं इनकी प्राथमिकता बिहार से पहले गुजरात होगी। आप देख रहे हैं कि अडानी जी आ गए हैं, वह शायद आंख का कोई अस्पताल खोलने जा रहे हैं। सरकार ने यह नहीं बताया कि पीरपैंती में 30 हजार करोड़ का बिजली घोटाला हो रहा है। बीजेपी के ही बड़े नेता हैं आर के सिंह, उन्होंने ही आरोप लगाया है। आंख का अस्पताल खोलने का भ्रम फैलाकर आपके और हमारी आंख में धूल झोंका जा रहा है। जब पटना में बैठी सरकार की कमान गुजरात के हाथ में रहेगी तो गुजरात के बिजनेसमैन का फायदा होगा बिहार के बच्चे गुजरात जाकर मजदूरी करेंगे। यह परिस्थिति नहीं बदलने वाली है।'

 

बता दें कि प्रशांत किशोर बुधवार यानी 20 मई को दरभंगा में थे जहां वह जन सुराज के जिला संगठन की बैठक में शामिल हुए। इससे पहले जन सुराज ने जिला कार्यकारिणी की सलाहकार समिति के सदस्यों, जिला कार्यकारिणीके अध्यक्ष और अन्य पदों पर नियुक्ति की। साथ ही, जिला उपाध्यक्ष, सचिव और सदस्य नियुक्त किए। साथ ही, प्रखंड स्तर पर भी कार्यकारिणी गठित की गई है।

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