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भज्जी की सुरक्षा हटी, सांसद के ठिकानों पर रेड, बागियों से बदला ले रही AAP?

राजिंदर गुप्ता पंजाब के उद्योगपतियों में शुमार हैं। उनकी कुल संपत्ति 10 हजार करोड़ से ज्यादा है। अब वह भी मुश्किलों में घिरे हैं।

Bhagwant Mann

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान। Photo Credit: PTI

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पंजाब के चर्चित उद्योगपति और राज्‍यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए हैं। BJP में आते ही उनकी मुश्किलें बढ़ गईं हैं। AAP छोड़ने के करीब एक हफ्ते बाद उनकी कंपनी ट्राईडेंट ग्रुप की यूनिट पर पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (PPCB) की टीम ने छापा मारा। हरभजन सिंह और राघव चड्ढा की सुरक्षा भी AAP ने घटा दी है। 

गुरुवार को दोपहर करीब 2 बजे PPCB के 18 अधिकारियों की टीम 6 गाड़ियों में सवार होकर बरनाला के धौला स्थित ट्राईडेंट के टेक्सटाइल यूनिट पहुंची। टीम ने शाम 7:30 बजे तक फैक्ट्री का निरीक्षण किया और निकलने वाले गंदे पानी, ग्राउंड वाटर समेत कई सैंपल लिए।

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कैसे मुश्किलों में फंसे राजिंदर गुप्ता?

राजिंदर गुप्ता की संपत्ति 10,600 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जाती है। वह ट्राईडेंट ग्रुप के संस्थापक हैं, जो टेक्सटाइल और होम टेक्सटाइल का बड़ा नाम है। 24 अप्रैल को उन्होंने AAP छोड़कर BJP की सदस्यता ले ली। उनके साथ AAP के 6 और राज्‍यसभा सांसद भी BJP में शामिल हुए थे।

BJP ने छापेमारी पर क्या कहा?

बीजेपी ने इस छापेमारी को सियासी बदला बताया है। पंजाब बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा कि यह छापा AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के इशारे पर पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजिंदर गुप्ता का एकमात्र अपराध यह है कि उन्होंने पंजाब के बेहतर भविष्य के लिए BJP जॉइन कर ली।

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कांग्रेस ने रेड पर AAP को क्यों घेरा?

कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने भी AAP पर हमला बोलते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान BJP पर ED-CBI का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हैं, लेकिन खुद वही काम कर रहे हैं। AAP ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। 

AAP ने क्या कहा है?

AAP प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्रवाई नहीं है। PPCB की टीम केवल नियमित जांच कर रही थी। जब भी कोई शिकायत आती है, बोर्ड को जांच करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि सरकार या पार्टी का इस मामले में कोई रोल नहीं है।

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ट्राईडेंट फैक्ट्री निशाने पर क्यों आई?

साल 2022 में किसान संगठनों ने ट्राईडेंट फैक्ट्री से होने वाले प्रदूषण के खिलाफ कई जगह प्रदर्शन किए थे। किसानों का आरोप था कि फैक्ट्री का गंदा पानी खेतों में फैलने से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। 


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