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हाई कोर्ट में रख दिया अजन्मे बच्चे का भ्रूण, आखिर क्या है मामला?

जबलपुर हाई कोर्ट में एक व्यक्ति प्लास्टिक बैग में अपने अजन्मे बच्चे का भ्रूण लेकर पहुंच गया और जज से इंसाफ की गुहार लगाई है।

arrived with my baby in a plastic trolley.

प्लास्टिक की थैली में मरा हुआ बच्चा लेकर पहुंचा शख्स, Photo Credit: Social media

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मध्य प्रदेश के जबलपुर हाई कोर्ट में सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। रीवा के रहने वाले दयाशंकर पांडे प्लास्टिक बैग में अपने अजन्मे मृत बच्चे का भ्रूण लेकर अदालत पहुंच गए। उन्होंने जज के सामने इसे रखकर न्याय की गुहार लगाने की कोशिश की है। जबलपुर हाई कोर्ट में जस्टिस हिमांशु जोशी की अदालत में शख्स ने जैसे ही भ्रूण निकाला, लोग चौंक गए। 

दयाशंकर पांडे जैसे ही कोर्ट के सामने पहुंचे उन्होंने भ्रूण निकालने की कोशिश की। जैसे ही उन्होंने प्लास्टिक बैग से भ्रूण निकाला, लोक सकते में आ गए। अदालत में मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और उन्हें हिरासत में ले लिया।

 

दयाशंकर पांडे ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में रीवा लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था। उनका आरोप है कि पिछले कुछ समय से उन पर लगातार जानलेवा हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने अदालत में रोते हुए कहा कि कई बार पुलिस और प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। दयाशंकर पांडे का कहना है कि 1 मार्च 2026 को उनकी कार को टक्कर मार दी गई थी। उस समय उनकी पत्नी गर्भवती थीं। इस हादसे के बाद उनकी पत्नी का गर्भपात हो गया और 7 मार्च को बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई।

 

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पहले भी कई बार हुआ हमला

दयाशंकर ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी उनके ऊपर कई बार हमला किया गया। 19 अप्रैल 2024 को चुनाव के दौरान उनकी कार में आग लगाने और हमला करने की घटना हुई थी। 9 मई 2025 को कथित तौर पर हमले को सड़क दुर्घटना का रूप दिया गया। वहीं 6 नवंबर 2025 को जबलपुर के शारदा चौक पर उन्हें कुचलने की कोशिश की गई, जिसमें उनकी बेटी घायल हो गई थी।

 

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पुलिस पर लापरवाही का आरोप

उन्होंने अदालत में कहा कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने गंभीरता से जांच नहीं की। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। इस घटना के बाद हाई कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए जबलपुर के एसपी संपत उपाध्याय ने कार्रवाई की। ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।


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