उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के डिडौली कोतवाली क्षेत्र के फरीदपुर गांव में एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। शनिवार को सूखी पड़ी मध्य गंगा नहर में एक युवक का शव बरामद हुआ। पुलिस की शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ कि परिवार ने ही युवक के नशे और रोज-रोज के घरेलू क्लेश से परेशान होकर उसकी हत्या की पूरी साजिश रची थी।
मृतक की पहचान फरीदपुर निवासी 40 वर्षीय दुष्यंत पुत्र पीतम सिंह के रूप में हुई है जिसके सिर पर गहरे घाव के निशान मिले थे। पुलिस जांच के मुताबिक दुष्यंत नशे का बहुत ज्यादा आदी था और अक्सर घर में मारपीट और झगड़ा करता था। उसके झगड़ों को सुलझाने और कानूनी मामलों को निपटाने में परिवार की काफी जमीन पहले ही बिक चुकी थी जिसकी वजह से घरवाले उससे बहुत दुखी और परेशान रहने लगे थे।
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भाई ने अपराधी को दी सुपारी
दुष्यंत को रास्ते से हटाने की साजिश में उसके पिता पीतम सिंह छोटा भाई संकित और मां माया देवी शामिल थे। पिता की सहमति से छोटे भाई संकित ने अपने एक दोस्त जोली को हत्या के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी। जोली ढेला नंगला का रहने वाला एक पेशेवर अपराधी है। इस काम के लिए एडवांस के तौर पर मां माया देवी ने अपने गहने बेचकर 55 हजार रुपये नकद जुटाए थे।
शुक्रवार रात को जब दुष्यंत अपनी एक रिश्तेदारी से वापस घर लौट रहा था तभी रास्ते में पेचकस और ईंट से हमला करके उसकी हत्या कर दी गई। मौत पक्की होने के बाद आरोपियों ने उसके शव को पास की नहर में फेंक दिया ताकि लोगों को यह महज एक दुर्घटना या हादसा लगे।
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निशानों से खुला हत्या का राज
शहबाजपुर और श्यामपुर गांव के बीच मध्य गंगा नहर के पुल पर ग्रामीणों ने खून के निशान देखे, जिससे उन्हें किसी अनहोनी का शक हुआ। जब नहर के अंदर देखा गया तो करीब 15 फीट की गहराई में दुष्यंत का शव पड़ा था। पुलिस ने शक होने पर पिता पीतम सिंह और भाई संकित को हिरासत में लिया। जब पुलिस ने उनसे सख्ती से पूछताछ की तो दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और हत्या की पूरी जानकारी बता दी।