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गुजरात में शेर के 8 शावकों की मौत, बेबेसिया इन्फेक्शन फैलने की आशंका

गुजरात के गिर के जंगलों में शेर के शावकों की मौत से हड़कंप मचा है। अभी तक आठ की जान जा चुकी हैं। स्वास्थ्य टीमें मौत की वजह का पता लगाने में जुटी हैं। सैंपल जुटाकर जांच की खातिर भेजे गए हैं।

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प्रतीकात्मक फोटो। (AI-generated image)

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गुजरात में शेर के आठ शावकों की मौत के बाद हाई अलर्ट है। आपातकालीन टीमों को तैनात किया गया है। गिर सोमनाथ और अमरेली जिले में फैले गिर के जंगलों में 'बेबेसिया' इन्फेक्शन फैलने की आशंका है। गुजरात के वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने शुक्रवार को बताया कि 10 किमी के दायरे में सभी शेरों को अलग-अलग कर दिया गया, ताकि इन्फेक्शन अन्य शेरों में न फैले।

 

2025 में हुई जनगणना के मुताबिक गुजरात में 891 एशियाई शेर थे। वन मंत्री के मुताबिक अभी स्थिति नियंत्रण में है। पिछले दो दिन से मौत का कोई मामला सामने नहीं है। पशु डॉक्टरों ने सैंपल जुटाकर गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर भेज दिया। चार दिन में रिपोर्ट आने की उम्मीद है। इसके बाद ही साफ हो पाएगा कि शावकों की मौत बेबेसिया इन्फेक्शन से हुई या किसी अन्य बीमारी से। 

 

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सीएम ने की हाई लेवल मीटिंग

गिर अभयारण्य और उसके आसपास किलनी हटाने का अभियान शुरू कर दिया गया है, ताकि बेबेसिया इन्फेक्शन को फैलने से रोका जा सके। उधर, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एक हाई लेवल मीटिंग की। अधिकारियों ने बताया कि चार शावकों की मौत संदिग्ध बेबेसिया इन्फेक्शन की वजह से माना जा रहा है। अभी तक 10 किमी दायरे में 17 शेरों को अलग-थलग कर दिया गया है।

तीन शेर लड़ाई में मारे गए

वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया के मुताबिक इस हफ्ते की शुरआत में गिर जंगल में सबसे पहले दो शावकों की जान गई। वहीं तीन शेर आपसी लड़ाई में मारे गए। डॉक्टरों की टीमें तैनात की गई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। पिछले दो दिन से मौत की कोई खबर नहीं है।

 

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क्या है बेबेसिया?

यह किलनी (ticks) से फैलने वाली एक परजीवी बीमारी है। इससे पीड़ित जानवरों के नाक से पानी बहता है, खांसी के साथ कमजोरी के लक्षण दिखते हैं। गुजरात सरकार के मुताबिक शेर शावकों की मौत की रिपोर्ट गिर अभयारण्य के बाहर गिर सोमनाथ जिले की गिर गढड़ा और अमरेली जिले के बाबरा कोट से मिली है।

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