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पिता के सपनों को पूरा करने का संकल्प, चंपारण से सियासत में उतरे निशांत कुमार

जेडीयू नेता निशांत कुमार ने रविवार से पश्चिमी चंपारण से अपनी यात्रा की शुरुआत की। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ताओं ने इनका स्वागत किया।

Nishant kumar

यात्रा के दौरान निशांत कुमार।

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संजय सिंह, पटना। पश्चिम चंपारण की ऐतिहासिक धरती से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने रविवार को अपनी ‘सद्भाव यात्रा’ की शुरुआत करते हुए सक्रिय राजनीति में कदम रखने का संकेत दे दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह कदम उनके पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए उठाया गया है और वे बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

महात्मा गांधी में यहीं से की थी शुरुआत

निशांत कुमार ने अपने संबोधन में चंपारण की ऐतिहासिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यही वह पवित्र भूमि है, जहां महात्मा गांधी ने सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि मैं भी उसी महान धरती से अपनी यात्रा शुरू कर रहा हूं। मेरा उद्देश्य है कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए और समावेशी विकास को मजबूत किया जाए।

 

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जीविका दीदियों से किया संवाद

बेतिया पहुंचने पर निशांत कुमार ने अपने पिता की कार्यशैली का अनुसरण करते हुए जीविका दीदियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से उनके स्वरोजगार, आजीविका के साधनों और सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर विस्तार से चर्चा की। निशांत ने कहा कि जीविका समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इनके सशक्त होने से समाज का समग्र विकास संभव है। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हुए सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया। इस मौके पर जीविका दीदियों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव उनके सामने रखे, जिस पर उन्होंने गंभीरता से ध्यान देने का आश्वासन दिया।

 

 

 

महात्मा गांधी की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

यात्रा के दौरान निशांत कुमार ने बेतिया के हरिवाटिका चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा, पश्चिम चंपारण में विभिन्न स्थानों पर जदयू कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। पूर्वी चंपारण के मेहसी स्थित महेंद्र चौक पर भी निशांत कुमार का भव्य स्वागत किया गया। यहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए वे कुछ भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उनके पिता नीतीश कुमार ने जिस विकसित बिहार की कल्पना की थी, उसे साकार करने के लिए उन्होंने राजनीति में कदम रखा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह जनता और कार्यकर्ताओं ने उनके पिता को स्नेह और समर्थन दिया, वही विश्वास उन्हें भी मिलेगा।

 

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निशांत ने यह भी कहा कि बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य सिर्फ सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।

कार्यकर्ताओं के साथ करेंगे संवाद

‘सद्भाव यात्रा’ के दूसरे दिन सोमवार को निशांत कुमार बेतिया के बापू सभागार में जदयू कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे वाल्मीकिनगर से दोपहर एक बजे बेतिया परिसदन पहुंचेंगे और अपराह्न चार बजे कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। जदयू जिलाध्यक्ष कन्हैया कुशवाहा के अनुसार, इस कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसमें बूथ, पंचायत और जिला स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल होंगे।

 

इस संवाद कार्यक्रम को संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निशांत कुमार की इस पहल को जदयू के भीतर नई ऊर्जा और नेतृत्व के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में बिहार की राजनीति में नए समीकरण भी तय कर सकती है।


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