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दिल्ली में अभिनव अरोड़ा के परिवार पर जानलेवा हमला, तोड़े कार के शीशे

कथा वाचक अभिनव अरोड़ा के परिवार के ऊपर दिल्ली के तिलक नगर में हमला होने की खबर सामने आई है।

Spiritual orator Abhinav Arora

अभिनव अरोड़ा और उनके पिता। Photo Credit- Social Media

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वृंदावन के बाल कथा वाचक अभिनव अरोड़ा सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहते हैं। गुरुवार को उनके परिवार के ऊपर दिल्ली के तिलक नगर में हमला हो गया। इस हमले की वीडियो भी सामने आई है, जो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक कार में अभिनव अरोड़ा के माता-पिता बैठे हैं और कार को घेरकर लोगों की भीड़ नुकीले हथियारों और पत्थरों से हमला कर रहे हैं। लोगों ने कार का शीशा तोड़ने और उन्हें मारने की कोशिश की।

 

घटना के सामने आए वीडियो में अभिनव अरोड़ा अपने पिता के साथ कार में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कुछ लोग उनकी कार को घेरते हुए बाहर से उस पर हमला करते और खिड़कियां तोड़ते हुए देखा जा सकता है, जबकि माता-पिता सहित पूरा परिवार कार के अंदर फंसा हुआ है। हालांकि, बाद में पुलिस ने किसी तरह अभिनव और उनके परिवार को इस स्थिति से सुरक्षित बाहर निकाला। 

 

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अभिनव अरोड़ा के पिता की प्रतिक्रिया

अब इस पूरे मामले पर अभिनव अरोड़ा के पिता तरुण राज अरोड़ा की प्रतिक्रिया सामने आई है। तरुण अरोड़ा ने बताया कि यह घटना 7 अप्रैल को दिल्ली के तिलक नगर इलाके में हुई। उन्होंने कहा, 'मैं अपनी भतीजी को उसके हॉस्टल छोड़कर लौट रहा था, तभी हमारी कार एक बाईक से टकरा गई। एक बच्चा उस बाइक के सामने खड़ा था। बच्चे की मां  को लगा कि हमारी कार ने उसे टक्कर मारकर घायल किया है।'

 

 

 

 

उन्होंने बताया कि बाद में CCTV वीडियो की जांच करने के बाद जो आरोप लगे थे वह गलत साबित हुए। असल में हमारी कार और बच्चे के बीच लगभग एक मीटर की दूरी थी। यह छह लोगों का एक परिवार था जो हमारी कार के पास आया और हमारे ऊपर हमला करने लगा। उन्होंने कहा कि ये लोग एक-एक करके आते रहे और कार पर हमला करते रहे। उस महिला ने गाली-गलौज शुरू कर दी और कार का बोनट तोड़ दिया।'

'कार के अंदर बंद कर लिया'

उन्होंने बताया कि हमने खुद को कार के अंदर बंद कर लिया और थोड़ी ही देर में दो अधिकारियों के साथ एक एक पीसीआर आ गई, जिसमें दो पुलिस वाले थे, उनके लिए लोगों को संभालना मुश्किल था क्योंकि ये लोग बहुत उग्र हो चुके थे, जिसके बाद उन्होंने और फोर्स बुलाई, जिसके बाद वहां चार-पांच पुलिसवाले और पहुंच गए। उन्होंने दिल्ली पुलिस का आभार जताया।

 

 

 

 

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मेडिकल जांच में क्या निकला?

तरुण अरोड़ा ने आगे बताया कि उनके लिए स्थिति को संभालना थोड़ा मुश्किल साबित हुआ। बाद में पुलिस ने मेडिकल जांच करवाई, जिसमें साफ हो गया कि मेरे खून में अल्कोहल का लेवल जीरो परसेंट था और इस आरोप के बारे में कि हमने बच्चे को चोट पहुंचाई थी, मेडिकल रिपोर्ट में साफ तौर पर पता चला कि बच्चे को बिल्कुल भी चोट नहीं आई थी। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि इसके पीछे कोई साजिश हो सकती है अगर साजिश नहीं भी है तो हमारा समाज कहां जा रहा है ये हमें सोचना होगा। क्योंकि एक सभ्य समाज धैर्य से ही चलता है।


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