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‘गोली मारने का इंतजार थोड़ी करूंगा,’ दुष्यंत के समर्थन में आए कांग्रेस विधायक

कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा और विधायक गोकुल सेतिया, दुष्यंत चौटाला के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की अच्छे से जांच होनी चाहिए।

Dushyan Chautala

दुष्यंत चौटाला। Photo Credit: JJP/X

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एक पुलिसकर्मी द्वारा हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की गाड़ी रोके जाने के मामले में कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा और एक अन्य कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया खुलकर उनके समर्थन में आ गए हैं। दुष्यंत चौटाला का समर्थन करते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। इसके अलावा उन्होंने इसमें जांच किए जाने की मांग भी उठाई और कहा कि जांच के बाद यह तय होना चाहिए कि किसकी कितनी जिम्मेदारी है।

 

वहीं कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने पुलिस के व्यवहार को पूरी तरह से अनुचित बताते हुए कहा कि किसी भी नेता के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए था चाहे वह वर्तमान में पद पर हों या न हों। आगे उन्होंने कहा, 'हर नेता का एक समय होता है, लेकिन पद समाप्त होने के बाद भी उसका सम्मान बना रहना चाहिए. दुष्यंत चौटाला इस समय भले ही पूर्व डिप्टी सीएम हैं, लेकिन उनके साथ पुलिस द्वारा किया गया व्यवहार पूरी तरह अनुचित है।'

 

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क्या बोले गोकुल सेतिया?

अपना उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में वह खुद विधायक नहीं रहते हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया जाता है तो क्या वह इसे सहन कर लेंगे? उन्होंने कहा, 'पुलिसवाला सिविल ड्रेस में था, अगर कोई मेरी गाड़ी के आगे आकर रोक लेगा तो मैं इंतजार थोड़ी करूंगा कि पहले वह मुझे गोली मारे इसके बाद मैं ऐक्शन लूंगा?'

कहा- पुलिस का ऐक्शन संदेह पैदा करता है

पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, 'पुलिस का काम रक्षक का होता है लेकिन अगर वही पुलिस भक्षक का काम करने लगे तो जनता का विश्वास खत्म हो जाएगा।' जब उनसे कहा गया कि पुलिस का कहना है कि गाड़ी को उनके द्वारा सही तरीके से नहीं चलाया जा रहा था तो गोकुल सेतिया ने कहा, 'यदि ऐसा था तो पुलिस को नियम के अनुसार चालान काटना चाहिए था या फिर गाड़ी को इम्पाउंड करना चाहिए था. लेकिन जिस तरीके से कार्रवाई की गई, वह संदेह पैदा करती है।'

 

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क्या है मामला?

मामला हिसार के सब्जी मंडी चौक का है जब दुष्यंत चौटाला और उनके समर्थक 16 अप्रैल को गुरु जांभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलजी में विरोध प्रदर्शन से संबंधित मामले में जेजेपी कार्यकर्ताओं की कथित गलत गिरफ्तारी के सिलिसिले में एसपी से मिलने जा रहे थे। उसी वक्त कथित तौर पर पुलिस की एक गाड़ी ने उन्हें रोक लिया। बाद में दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक पुलिसवाले ने उनकी गाड़ी का रास्ता रोका और उन पर पिस्तौल तान दी।


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