logo

ट्रेंडिंग:

झारखंड: अस्पताल की लापरवाही! बच्चों को HIV संक्रमित खून चढ़ाया, 5 बच्चे पॉजिटिव

चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित 5 बच्चों के HIV पॉजिटिव पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने जांच के लिए 5 सदस्यीय मेडिकल टीम गठित की है।

Sadar Hospital Chaibasa

सदर अस्पताल चाईबासा, Photo Credit- Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित 4 बच्चों के HIV पॉजिटिव पाए जाने का मामला सामने आया हैइसके साथ ही कुल बच्चों की संख्या 5 हो गई हैयह मामला तब सामने आया जब एक सात साल के बच्चे के पेरेंट्स ने आरोप लगाया कि उनके बच्चे को HIV इन्फेक्टेड खून चढ़ा दिया गया है। राज्य सरकार ने परिवार की शिकायत के बाद जांच के लिए 5 सदस्यों वाली एक मेडिकल टीम बनाई है।

 

मामले का खुलासा 24 अक्टूबर को सामने आया जब एक परिवार ने बताया कि उनके 7 साल के थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे को लोकल ब्लड बैंक से इन्फेक्टेड खून चढ़ा दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, बच्चे को ब्लड बैंक से लगभग 25 यूनिट खून चढ़ाया गया था।

 

यह भी पढ़ें- महिला डॉक्टर की सुसाइड: SI अरेस्ट, पूर्व BJP MP पर उठे सवाल; अब तक क्या हुआ?

कमेटी का गठन

शिकायत मिलने के बाद झारखंड सरकार ने जांच के लिए डायरेक्टर ऑफ हेल्थ सर्विस (DHS) डॉ. दिनेश कुमार के नेतृत्व में एक 5 सदस्यीय मेडिकल टीम का गठन किया है। जांच टीम में डॉ. शिप्रा दास, डॉ. एस.एस. पासवान, डॉ. भगत, जिला सिविल सर्जन डॉ. सुशांतो माझी, डॉ. शिवचरण हांसदा और डॉ. मीनू कुमारी शामिल हैं। जांच के दौरान ही सामने आया कि 4 और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। इन सभी बच्चों को हमेशा चाईबासा के इसी अस्पताल में खून चढ़ाया जाता था। शुरुआती जांच में ब्लड बैंक के कामकाज में कई खामियां सामने आई जिसमें सैंपल की जांच, रिकॉर्ड का रखरखाव और सुरक्षा के इंतजाम शामिल है।

 

यह भी पढ़ें- दिल्ली: स्कूल में झगड़ा हुआ तो बंदूक की नोक पर कर लिया किडनैप, 4 नाबालिग धरे गए

 

जिला सिविल सर्जन  डॉ. सुशांतो माझी ने बताया कि बच्चे का HIV टेस्ट एक हफ्ते पहले पॉजिटिव आया था। उन्होंने यह भी कहा कि HIV संक्रमण पहले से इस्तेमाल इंजेक्शन के यूज से या किसी दूसरे कारणों से भी हो सकता है। DHS के साथ टीम ने सदर अस्पताल के ब्लड बैंक और पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट की जांच की और इलाज करा रहे बच्चों से जानकारी इकट्ठा की। DHS ने कहा, 'शुरुआती जांच से पता चलता है कि एक थैलेसीमिया पेसेंट को इन्फेक्टेड खून चढ़ाया गया था। जांच के दौरान ब्लड बैंक में कुछ गड़बड़ियां पाई गईं, और इससे जुड़े अधिकारियों को उन्हें ठीक करने का निर्देश दिया गया है।'

 

इस घटना का संज्ञान लेते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य के हेल्थ सेक्रेटरी और डिस्ट्रिक्ट सिविल सर्जन से रिपोर्ट मांगी है। पश्चिमी सिंहभूम जिले में फिलहाल 515 HIV पॉजिटिव मामले और 56 थैलेसीमिया मरीज हैं।

Related Topic:#Jharkhand news

और पढ़ें