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हीरो से विलेन बने वॉशिंगटन सुंदर, यह गलती टीम इंडिया को ले डूबी

कोलकाता टेस्ट की चौथी पारी में वॉशिंगटन सुंदर भारत की ओर से हाईएस्ट स्कोरर रहे लेकिन उनकी धीमी पारी ने सारे किए कराए पर पानी फेर दिया।

Washington Sundar Batting

कोलकाता टेस्ट के तीसरे दिन बैटिंग करते वॉशिंगटन सुंदर, Photo Credit: PTI

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भारतीय टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में 30 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा। साउथ अफ्रीकी टीम ने 124 रन का छोटा टारगेट रखा था। मुकाबले के तीसरे दिन (16 नवंबर) इस टारगेट का पीछा करते हुए टीम इंडिया 93 रन ही बना पाई। घरेलू सरजमीं पर पिछले 6 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की यह चौथी हार रही। वहीं साउथ अफ्रीका से घरेलू टेस्ट में उसे 15 साल बाद शिकस्त मिली है। इस शर्मनाक के बाद छोटे रन चेज में टीम के अप्रोच पर सवाल उठ रहे हैं। खासकर वॉशिंगटन सुंदर की बल्लेबाजी सवालों के घरे में है।

वॉशिंगटन सुंदर पर क्यों आए निशाने पर?

लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। यशस्वी जायसवाल अपने अंदाज के विपरीत डिफेंसिव शॉट खेलने के प्रयास में पहले ही ओवर में आउट हो गए। वह खाता भी नहीं खोल सके। इसके बाद तीसरे ओवर में केएल राहुल भी चलते बने। 1 रन पर ही भारत के दोनों ओपनर पवेलियन लौट चुके थे। कप्तान शुभमन गिल गर्दन की चोट के चलते मुकाबले से बाहर हो चुके थे। ऐसे में एक तरह से स्कोर 1/3 था। इस कठिन समय में टीम इंडिया के नए नंबर-3 वॉशिंगटन सुंदर ने अंगद की तरह पांव जमा दिए।

 

सुंदर ने ध्रुव जुरेल (13) के साथ तीसरे विकेट के लिए 32 रन की साझेदारी की। लग रहा था कि यह जोड़ी टीम इंडिया को मुसीबत से निकालेगी, तभी जुरेल चलते बने। उनके जाने के बाद क्रीज पर उतरे ऋषभ पंत ने भी निराश किया और उन्होंने सिर्फ 2 रन ही बना पाए। 5 रन के अंतराल में जुरेल और पंत आउट होने के बाद सुंदर ने सीनियर पार्टनर रवींद्र जडेजा के साथ भारत की पारी आगे बढ़ाई और स्कोर को 60 के पार पहुंचाया। यह जोड़ी कुछ और रन जोड़ पाती कि साइमन हार्मर ने जडेजा को आउट कर इसे भी तोड़ दिया। अब सुंदर के कंधों के ऊपर जिम्मेदारी थी लेकिन वह पार्ट-टाइमर एडन मारक्रम की गेंद पर स्लिप में कैच थमा बैठे और भारत की जीत की उम्मीदें खत्म हो गईं।

 

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सुंदर ने रन चेज में भारत के लिए सबसे ज्यादा 31 रन जरूर बनाए। मगर जरूरत से ज्यादा सुरक्षात्मक बल्लेबाजी के लिए उनकी आलोचना हो रही है। उन्होंने 92 गेंद की अपनी पारी में सिर्फ 2 चौके ही लगाए। आमतौर पर छोटे रन चेज और गेंदबाजों की मददगार पिच पर सेट बल्लेबाज से उम्मीद की जाती है कि वह अपने शॉट खुलकर खेले और स्कोरबोर्ड को चलायमान रहे, जिससे विपक्षी टीम पर भी दबाव बढ़े। मगर सुंदर यह काम करने में नाकाम रहे। यही कारण है कि उनकी जुझारू पारी के बावजूद उन पर सोशल मीडिया यूजर्स अपना गुस्सा निकाल रहे हैं।

 

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अक्षर ने किया काउंटर अटैक

सुंदर के आउट होने के बाद कुलदीप यादव भी ज्यादा देर नहीं टिक पाए और हार्मर का शिकार बने। भारतीय टीम को हार की कगार पर देख अक्षर पटेल ने गियर बदला और केशव महाराज के खिलाफ 4 गेंद में 16 रन ठोक दिए। टारगेट अब 31 रन ही दूर था लेकिन अक्षर एक और बड़ा शॉट खेलने में अपना विकेट गंवा बैठे। अक्षर ने महज 17 गेंद में 26 रन की पारी खेली। लोगों का मानना है कि अक्षर की तरह कोई एक और बल्लेबाज काउंटर अटैक किया होता तो मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था।


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