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कभी थी ताकत... अब बन गई है कमजोरी, कैसे इस कमी को दूर करेंगे सूर्या?

सूर्यकुमार यादव को नीदरलैंड्स के खिलाफ डीप स्कायवरलेग पर जीवनदान मिला था। बाद में वह इसी दिशा में कैच आउट हुए। सूर्या अपना फेवरेट शॉट खेलने के प्रयास में विकेट फेंक दे रहे हैं।

Suryakumar Yadav vs Netherlands T20 WC

नीदरलैंड्स के खिलाफ शॉट खेलते सूर्यकुमार यादव, Photo Credit: PTI

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टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव पिछले साल इंटरनेशनल क्रिकेट में रन बनाने के लिए जूझ रहे थे। उनके बल्ले से कोई अर्धशतक भी नहीं निकला और उनके स्ट्राइक रेट में भी भारी गिरावट देखी गई। सूर्या की फॉर्म भारतीय टीम के लिए चिंता का सबब बनी हुई थी। उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में फॉर्म में वापसी की। सूर्या ने 5 मैचों की टी20 सीरीज में 3 अर्धशतक ठोके। उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।

 

उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत भी धमाकेदार अंदाज में की। भारतीय कप्तान ने अमेरिका के खिलाफ पहले मैच में 49 गेंद में नाबाद 84 रन जड़े, जिसमें 10 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। लगा कि सूर्या पूरे टूर्नामेंट में राज करने वाले हैं लेकिन पिछले 3 मैचों में वह कुछ खास नहीं कर पाए हैं। नामीबिया के खिलाफ वह 12 रन ही बना पाए। पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ उन्होंने क्रमश: 32 और 34 रन की पारियां जरूर खेली लेकिन वह अपने रंग में नहीं दिखे।

 

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ताकत बनी कमजोरी

कोलंबो की कठिन पिच पर सूर्या की पारी पर उतने सवालिया निशान नहीं हैं लेकिन बुधवार को नीदरलैंड्स के खिलाफ अहमदाबाद में उनकी 27 गेंद में 34 रन की पारी ने टीम इंडिया के फैंस की चिंता बढ़ा दी है। सूर्या को 13 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान भी मिला लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाए। वह 14वें ओवर में काइल क्लेन की फुल गेंद को सीधी फाइन लेग के हाथों में कैच दे बैठे। सूर्या इस दिशा में आसानी से छक्के लगाते आए हैं लेकिन अब वह यहीं फंस रहे हैं।

 

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लालच छोड़ेंगे सूर्या?

टी20 इंटरनेशनल में तेज गेंदबाजों के खिलाफ पिछले साल से अब तक वह लेग साइड में स्क्वायर के पीछे 7 बार कैच आउट हुए हैं। उन्होंने इस दौरान 14 छक्के लगाए हैं, जबकि 2021 में डेब्यू के बाद से 2024 तक इस दिशा में उन्होंने पेसर्स के सामने 57 छक्के जड़े थे और सिर्फ 9 बार आउट हुए थे। इससे साफ है कि अब विपक्षी टीमें उन्हें इस एरिया में आउट करने के प्लान के साथ उतर रही हैं। सूर्या को लेग साइड में स्क्वायर के पीछे उन्हें अपना पसंदीदा शॉट्स खेलने की लालच दी जा रही है, जिसमें वह आसानी से फंस जा रहे हैं।

 

टीम इंडिया के टाइटल डिफेंस अभियान में उनका रोल मिडिल ओवर्स में स्कोर बोर्ड को चलायमान रखना है। मगर वह ऐन वक्त पर अपना विकेट गंवा दे रहे हैं, जिससे एकाएक दबाव बढ़ रहा है। सूर्या को सुपर-8 में इस कमी को सुधारना होगा, नहीं तो टीम इंडिया का अभियान अधर में लटक सकता है।


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