ICC टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम अमेरिका के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करने उतरी। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में जब अमेरिकी टीम ने भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया तो यह चर्चा होने लगी कि क्या मेजबान टीम 300 रन के आंकड़े को छू सकती है? टीम इंडिया में विस्फोटक बल्लेबाजी की फौज को देखते हुए लोगों का ऐसा सोचना लाजिमी था लेकिन जब मैच शुरू हुआ, तब सारी कहानी ही बदल गई।
मुंबई में जन्मे सौरभ नेत्रवलकर ने पहले ही ओवर में ईशान किशन को खासा परेशान किया। नेत्रवलकर जिस तरह से गेंद को लहरा रहे थे, उसे खेलना ईशान के लिए मुश्किल साबित हो रहा था। ईशान ने पांचवीं गेंद पर छक्का जड़कर दबाव कम किया। अब बारी अभिषेक शर्मा की थी। अभिषेक ने दूसरा ओवर लेकर अली खान की पहली ही गेंद पर बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया,जो सीधे डीप कवर के हाथों में चली गई। वह गोल्डन डक पर आउट हुए।
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टी20 वर्ल्ड कप में दूसरी बार हुआ ऐसा हाल
अभिषेक के जाने के बाद ईशान ने तिलक वर्मा के साथ मिलकर मोर्चा संभाला और भारत को 5 ओवर का खेल खत्म होने तक 44/1 के स्कोर तक पहुंचा दिया। इस बीच ईशान को एक जीवनदान भी मिला। भारतीय टीम की स्थिति मजबूत हो रही थी लेकिन शेडली वैन शाल्कविक ने पावरप्ले के आखिरी ओवर की दूसरी गेंद पर ईशान (16 गेंद में 20 रन) का विकेट लेकर उसे तगड़ा झटका दे दिया। साउथ अफ्रीका से आने वाले इस तेज गेंदबाज ने इसके बाद पांचवीं गेंद पर तिलक वर्मा (16 गेंद में 25 रन) को भी विकेट ले लिया।
भारतीय टीम मैनेजमेंट ने काउंटर अटैक करने के लिए शिवम दुबे को पांचवें नंबर पर भेजा। मगर यह दांव भी उल्टा पड़ गया। शेडली वैन शाल्कविक ने शिवम दुबे (0) को धीमी गेंद पर फंसाकर विकेट के साथ ओवर खत्म की। दर्शकों को कुछ समझ आता तब तक भारतीय टीम को 46 रन पर 4 झटके लग चुके थे। टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने दूसरी बार पावरप्ले में 4 विकेट खोए।
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इससे पहले 2016 टी20 वर्ल्ड कप में भी भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले 6 ओवर के अंदर 4 बल्लेबाजों को गंवा दिए थे। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली वह टीम इंडिया नागपुर में 126 रन के टारगेट का पीछा करते हुए पावरप्ले में 29/4 के स्कोर तक ही पहुंच पाई थी। उस मुकाबले में भारतीय टीम की पूरी पारी महज 79 रन पर ही सिमट गई। यहां वानखेड़े स्टेडियम में देखना होगा भारतीय टीम कहां तक पहुंच पाती है।