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वैशाख पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा से मिलता है लाभ

भगवान विष्णु की उपासना के लिए वैशाख पूर्णिमा को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं, कब रखा जाएगा यह व्रत और इस दिन का धार्मिक महत्व।

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पूर्णिमा तिथि पर होती है भगवान विष्णु की उपासना।(Photo Credit: AI Image)

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हिन्दू धर्म में वैशाख पूर्णिमा तिथि का खास स्थान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा तिथि के दिन पूजा-पाठ करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही इस विशेष दिन पर भगवान सत्यनारायण, जो भगवान विष्णु के रूप हैं, उनकी उपासना का भी विधान है। आइए जानते हैं, कब रखा जाएगा वैशाख पूर्णिमा व्रत और पूजा मुहूर्त।

वैशाख पूर्णिमा 2025 तिथि और मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 11 मई रात्रि 08 बजकर 05 मिनट पर शुरू हो रही है और इस तिथि का समापन 12 मई रात्रि 10 बजकर 20 मिनट पर हो जाएगा। ऐसे में वैशाख पूर्णिमा व्रत 12 मई 2025, सोमवार के दिन रखा जाएगा।

 

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बता दें कि वैशाख पूर्णिमा व्रत के दिन भगवान विष्णु की उपासना प्रातः और संध्या काल में की जाती है। वहीं सत्यनारायण भगवान की पूजा विशेष रूप में शाम के समय की जाती है। इसके साथ इस दिन चंद्र देव की उपासना का भी विधान है। इस दिन चंद्रोदय समय शाम 07 बजे होगा।

हिंदू धर्म से जुड़ी मान्यता

पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन देवी गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं, इसलिए इसे गंगा अवतरण दिवस भी कहते हैं। इस दिन गंगा स्नान करने से पापों का नाश और पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही, यह माना जाता है कि इस दिन व्रत, दान, और पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा विशेष रूप से की जाती है।

 

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बौद्ध धर्म में इस दिन की मान्यता

कहा जाता है कि बौद्ध धर्म में वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा कहा जाता है, क्योंकि इसी दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण तीनों घटनाएं घटी थीं। इसलिए यह दिन बौद्ध अनुयायियों के लिए अत्यंत पावन होता है।

 

Disclaimer- यहां दी गई सभी जानकारी सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं।

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