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साल में कितनी बार आती है एकादशी, कितने तरह की, मान्यताएं क्या हैं?

हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है, वैदिक पंचाग के अनुसार, पूरे साल में 24 एकादशी की तिथियां पड़ती हैं। हर तिथि का अपना एक नाम और महत्व होता है।

Bhagwan Vishnu Representational Picture

भगवान विष्णु की प्रतीकात्मक तस्वीर: Photo credit: AI

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हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। हर महीने दो बार आने वाली यह तिथि न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी उपवास अच्छे स्वास्थ्य का जरिया माना जाता है। मान्यता है कि एकादशी का व्रत रखने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। इस व्रत को रखने से जीवन में सुख-शांति का वास होता है। यही वजह है कि हजारों वर्षों से एकादशी व्रत की परंपरा आज भी उतनी ही श्रद्धा और आस्था के साथ निभाई जाती है।

 

हिंदू पंचांग के अनुसार साल में कुल 24 एकादशियां पड़ती हैं। हर महीने के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी कहा जाता है। हर एकादशी का अलग नाम और महत्व होता है। जैसे निर्जला एकादशी सबसे कठिन मानी जाती है, जिसमें बिना पानी पिए व्रत रखा जाता है। मान्यता के अनुसार, देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और उसके बाद विवाह जैसे शुभ कामों की शुरुआत होती हैं। वहीं मोक्षदा एकादशी को गीता जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, जो मोक्ष प्रदान करने वाली मानी जाती है। कभी-कभी 'अधिमास' (extra month) पड़ने पर यह संख्या 26 या 27 भी हो जाती है।

 

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             माह (हिन्दू कैलेंडर)              कृष्ण पक्ष की एकादशी              शुक्ल पक्ष की एकादशी                       विशेष महत्व
चैत्र पापमोचनी एकादशी         कामदा एकादशी पापों से मुक्ति, सद्गति प्रदान करने वाली
वैशाख वरुथिनी एकादशी         मोहिनी एकादशी सौभाग्य, सुख-समृद्धि और आकर्षण की शक्ति देने वाली
ज्येष्ठ अपरा (अचला) एकादशी         निर्जला एकादशी निर्जला सबसे कठिन व्रत, केवल जल त्याग करके किया जाता है
आषाढ़ योगिनी एकादशी       देवशयनी एकादशी   देवशयनी से भगवान विष्णु 4 माह की योगनिद्रा में जाते हैं (चातुर्मास आरंभ)
श्रावण कामिका एकादशी         पुत्रदा एकादशी संतान सुख और पाप मुक्ति
भाद्रपद अजा एकादशी       परमा/पद्मा एकादशी   मोक्ष और विष्णु कृपा प्रदान करने वाली
आश्विन  इन्दिरा एकादशी        पाशान्कुशा एकादशी पितरों की शांति और वैकुण्ठ प्राप्ति
कार्तिक राम एकादशी       प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी   देवउठनी से भगवान विष्णु जागते हैं, विवाह-शुभ कार्य शुरू
मार्गशीर्ष उत्पन्ना एकादशी        मोक्षदा एकादशी मोक्षदा पर गीता जयंती, मोक्ष प्रदान करने वाली
पौष सफला एकादशी         पुत्रदा एकादशी सफलता और संतान प्राप्ति
माघ षट्तिला एकादशी         जया/भैमी एकादशी तिल दान का महत्व, पाप विनाश और स्वर्ग लोक
फाल्गुन

विजय एकादशी        

 

आमलकी एकादशी विजय प्राप्ति और आंवला पूजन, विष्णु भक्ति

 

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एकादशी से जुड़ी मान्यताएं

  • माना जाता है कि एकादशी व्रत करने से पाप कटते हैं और पुण्य मिलता है।
  • यह उपवास भगवान विष्णु को समर्पित है।
  • कहा जाता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा से एकादशी का व्रत करता है, उसे मोक्ष प्राप्त होता है।
  • कुछ लोग केवल फलाहार करते हैं और अन्न, विशेषकर चावल, नहीं खाते।

एकादशी की विशेषताएं

  • यह आत्मसंयम और शुद्धि का दिन माना जाता है।
  • इसे शरीर को हल्का रखने और मन को शांत करने का जरिया माना जाता है।
  • भक्ति, ध्यान और नामस्मरण (राम, विष्णु, कृष्ण का जप) का महत्व इस दिन विशेष रूप से होता है।
  • वैज्ञानिक दृष्टि से भी उपवास शरीर को स्वस्थ रखने और पाचन शक्ति को मजबूत करने में मदद करता है।


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