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महाराष्ट्र में विपक्षी विधायकों ने नहीं ली शपथ, ईवीएम पर फिर बवाल

महाराष्ट्र विधानसभा का विशेष सत्र आज से शुरू हो रहा है। विपक्षी पार्टी के विधायकों ने शपथ लेने से किया इनकार किया।

Aaditya Thackeray says MVA MLAs to boycott oath ceremony

आदित्य ठाकरे, Image Credit: PTI

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महाराष्ट्र विधानसभा का स्पेशल सेशन शनिवार को शुरू हुआ। प्रोटेम स्पीकर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दोनों डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजित पवार को विधायक पद की शपथ दिलाई। इस बीच विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) के नेताओं ने विशेष सत्र के पहले दिन शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया। 

 

विपक्ष के इस कार्यक्रम में शामिल न होने के फैसले पर बात करते हुए शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे ने EVM पर सवाल उठाए। पत्रकारों से बात करते हुए ठाकरे ने कहा कि 'हमने फैसला किया है कि हमारे विधायक आज शपथ नहीं लेंगे। अगर ये जनता का जनादेश होता तो लोग खुश होते और जश्न मनाते लेकिन इस जीत का कहीं भी लोगों ने जश्न नहीं मनाया। हमें EVM पर शक है।'

'ईवीएम के इस्तेमाल से लोकतंत्र की हत्या की जा रही है'

ठाकरे ने आगे कहा कि उनकी पार्टी ने शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया है क्योंकि ईवीएम के इस्तेमाल से लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। उन्होंने कहा, 'यह (महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे) जनता का जनादेश नहीं है। यह ईवीएम और भारत के चुनाव आयोग का जनादेश है।' 

 

विपक्ष के वॉकआउट पर डिप्टी CM अजित पवार ने कहा, 'आज विपक्ष ने वॉकआउट किया है। चुनाव हुआ है और लोगों ने हमें जिताया है। अभी वॉकआउट करने से कुछ नहीं होने वाला है। अगर उनको कुछ करना है तो चुनाव आयोग के पास जाना चाहिए।' बता दें कि आज फडणवीस ने शिंदे और पवार के साथ विशेष विधानसभा सत्र के पहले दिन मुंबई के विधान भवन परिसर में छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि दी। इस कार्यक्रम के दौरान आदित्य ठाकरे और शिवसेना यूबीटी पार्टी के कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

क्या अपनी राजनीतिक जागरूकता दिखाना गलत है?

इसी कड़ी में एनसीपी-एससीपी नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा, 'हम विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए और हमने शपथ नहीं ली। इसका कारण यह था कि मार्कवाड़ी के लोग विधानसभा चुनाव के लिए बैलेट पेपर से मतदान चाहते थे और प्रशासन ने यह मांग नहीं मानी। लोगों को यह तय करने का अधिकार है कि वो कैसे मतदान करना चाहते हैं। क्या अपनी राजनीतिक जागरूकता दिखाना गलत है।'


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