टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का नासिक ब्रांच, यौन उत्पीड़न और जबरन इस्लाम थोपने को लेकर सुर्खियों में रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी अब TCS के खराब और जहरीले माहौल को लेकर नाराजगी जाहिर की है। महिला आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां महिलाओं के साथ लगातार यौन शोषण हो रहा था, धार्मिक भावनाओं का अपमान किया जा रहा था।
महिला आयोग ने कहा कि शिकायतों के बाद भी कंपनी के अधिकारियों ने न किसी की सुनी, यह कर्मचारियों के लिए डर का माहौल बनाया गया, जिससे वे अपनी बात तक न रख सकें।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट (POSH) का पालन न करने के लिए TCS पर सवाल उठाए हैं। कई पीड़ित शिकायत करना चाहते थे लेकिन कंपनी में शिकायत करने का कोई भरोसेमंद तरीका नहीं था।
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कर्मचारियों का धार्मिक उत्पीड़न
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस बात पर भी चिंता जताई कि युवा और 'जेन जी' कर्मचारियों को भी निशाना बनाया गया। उनके खिलाफ धार्मिक टिप्पणियां की गईं, दबाव बनाया गया।
अब तक इस केस में क्या हुआ है?
द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक इस मामले में 9 FIR दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें बलात्कार, यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोप हैं। पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार भी किया है।
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महिला आयोग ने क्यों ऐसा कहा है?
NCW ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इस मामले की जांच के लिए एक फैक्ट-फाइंडिंग कमिटी बनाई थी। कमिटी ने 18 से 19 अप्रैल के बीच नासिक जाकर पीड़ितों, पुलिस और TCS के अधिकारियों से बात की। इस जांच के आधार पर 50 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें 25 सिफारिशें की गई हैं। रिपोर्ट 8 मई को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपी गई।
महिला आयोग की रिपोर्ट में क्या है?
रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी TCS नासिक का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले चुके थे। वे युवा और कमजोर महिलाओं को निशाना बनाते थे। महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न, मानसिक और भावनात्मक शोषण किया जाता था। साथ ही हिंदू धर्म की आस्था को नीचा दिखाने वाली बातें की जाती थीं, जिससे जबरन माहौल बनाया जाता था।
डर की वजह से बोल नहीं पाते थे कर्मचारी
कर्मचारियों में इतना डर था कि कोई आवाज उठाने की हिम्मत नहीं कर पाता था। जो बोलते थे, उन्हें नौकरी से निकालने या ट्रांसफर करने की धमकी दी जाती थी। रिपोर्ट में HR हेड आश्विनी चैनानी पर भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने चुप्पी साधकर इन गलत कामों को बढ़ावा दिया।
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महिला आयोग क्या चाहता है?
NCW ने सिफारिश की है कि POSH कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। कंपनी में अच्छा HR सिस्टम और शिकायत निवारण तंत्र बनाया जाए। शिकायत करने वालों की नौकरी सुरक्षित रखी जाए और नियमित रूप से कार्यस्थल की सुरक्षा की निगरानी की जाए।
निदा खान का क्या हुआ है?
आरोपी निदा खान को 24 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। महिला आयोग ने इस पूरे मामले को बहुत गंभीर बताया है। राज्य सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।