बजट सत्र के दौरान बुधवार को राहुल गांधी ने संसद में बोलते हुए बीजेपी सरकार पर देश को बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य बात होती तो प्रधानमंत्री देश को नहीं बेचते लेकिन उन्होंने गर्दन पकड़ रखी है और उनका गला घोंट रहे हैं। राहुल गांधी ने इस दौरान मार्शल आर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह से खेल में ग्रिप होती है उसी तरह से राजनीति में भी कई तरह की चीजें काम करती हैं बस अंतर यह होता है कि राजनीति में यह सारी चीजें दिखती नहीं हैं।
आगे उन्होंने कहा कि इस कला की बुनियाद 'ग्रिप' है। खिलाड़ी पहले पकड़ बनाता है और फिर उसी पकड़ के सहारे अगला मूव करता है। उन्होने अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि जब किसी के हाथ में ग्रिप आ जाती है तो सामने वाले को लगता है कि उसे काबू कर लिया गया है।
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इंडिया बेचने का लगाया आरोप
उन्होंने कहा, 'मैं कह रहा हूं कि आपने इंडिया बेच दिया है। क्या आपको इंडिया बेचने में शर्म नहीं आती? क्या आपको इंडिया बेचने में कोई शर्म नहीं है? आपने हमारी मां, भारत माता को बेच दिया है। मज़ेदार बात यह है कि मुझे पता है कि आम हालात में प्रधानमंत्री इंडिया को नहीं बेचते। आपको पता है उन्होंने इंडिया क्यों बेचा? क्योंकि वे उनका गला घोंट रहे हैं। उन्होंने उनकी गर्दन पकड़ रखी है। हम प्रधानमंत्री की आंखों में डर देख सकते हैं। इसका एक कारण उन्होंने एपस्टीन फाइल को बताया। हालांकि, लोकसभा में पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने इस संदर्भ से अलग बात बताते हुए इस पर बोलने से रोक लगा दी।
ट्रेड डील पर भी की बात
ट्रेड डील के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह हमें 21वीं सदी में सुपर पावर बनाने वाली है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने हमारे डिजिटल डेटा के साथ क्या किया है इस पर हमें विचार करना होगा, पहला- हमने अपने डिजिटल ट्रेड रूल्स पर से नियंत्रण खो दिया है, नंबर दो- डेटा लोकलाइजेशन को लेकर कोई भी ट्रेड डील नहीं है, नंबर तीसरा- अमेरिका को फ्री डेटा फ्लो, नंबर चार- लिमिट ऑन डिजिटल टैक्स और नंबर पांच- किसी भी सोर्स कोड को बताने की जरूरत नहीं है।
टैरिफ के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि पहले यह औसत रूप से 3 प्रतिशत था जो कि अब बढ़कर 18 प्रतिशत तक हो गया है। राहुल गांधी ने कहा, 'यह पूरी तरह से सरेंडर है। यह एक दुखद बात है क्योंकि यह सिर्फ़ प्रधानमंत्री का सरेंडर नहीं है। उन्होंने 1.5 अरब भारतीयों का भविष्य सरेंडर कर दिया है। उन्होंने भविष्य इसलिए सरेंडर कर दिया है क्योंकि वह BJP के फाइनेंशियल सिस्टम को बचाना चाहते हैं, जिस पर यूनाइटेड स्टेट्स में केस चल रहा है।'
किरेन रिजिजू ने किया विरोध
राहुल गांधी के बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने काफी गंभीर आरोप लगाए हैं जिसके काफी गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं, इसे उन्हें प्रमाणित अथवा सही सिद्ध करना पड़ेगा। इस पर राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा कि वह इस पर इसे प्रमाणित करने के लिए तैयार हैं।
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राहुल गांधी ने सदन के बाहर पत्रकारों से कहा, 'मैंने कहा है कि मेरे पास जो डेटा है, मैं उसे ऑथेंटिकेट करूंगा। डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस की फाइलें एपस्टीन की फाइलों में हैं, जिनमें हरदीप पुरी और अनिल अंबानी के नाम हैं। अडाणी के खिलाफ चल रहे एक केस में समन जारी किए गए हैं। भारत सरकार ने पिछले 18 महीनों से कोई जवाब नहीं दिया है।'
उन्होंने आगे कहा,'प्रधानमंत्री पर सीधा दबाव है। खास बात यह है कि कोई भी PM नॉर्मल सिचुएशन में ऐसा नहीं करेगा। नॉर्मल सिचुएशन में कोई भी PM डेटा, किसानों, एनर्जी सिक्योरिटी और डिफेंस के मामले में जो हुआ है, वह नहीं करेगा। कोई ऐसा तभी करेगा जब उस पर एक खास पकड़ होगी।'