कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणि शंकर अय्यर ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को लेकर बड़ा बयान दिया है। इस बयान से पार्टी में हलचल मच गई है। उन्होंने INDIA गठबंधन को मजबूत करने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को सबसे बेहतर नेता बताया है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं की तीखी आलोचना भी की है।
साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भारत के प्रधानमंत्री बन सकते हैं लेकिन उसके लिए किसी को लगातार इंडिया ब्लॉक को मजबूत करने की कोशिश करनी होगी। इस बात को लेकर राहुल गांधी से स्टालिन की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की तरह स्टालिन सिर्फ नारे नहीं लगाते बल्कि फेडरलिज़म से जुड़े मुद्दे उठाते हैं।
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स्टालिन की तारीफ की
अय्यर ने कहा, 'अगर INDIA ब्लॉक मजबूत हो जाता है, तो इसे एकजुट करने के लिए सबसे बेहतर नेता एमके स्टालिन हैं। कामराज जी से जब नेहरू जी के बाद प्रधानमंत्री बनने को कहा गया था, तो उन्होंने सिर्फ एक बात कही, 'न इंग्लिश, न हिंदी। कैसे?' स्टालिन भी ऐसी ही स्थिति में हैं। राहुल गांधी भारत के प्रधानमंत्री बन सकते हैं, लेकिन इसके लिए किसी को पूरा समय INDIA ब्लॉक को मजबूत करने में लगाना होगा। स्टालिन पिछले एक साल में सिर्फ नारे नहीं लगाते, बल्कि फेडरलिज्म से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे उठाते हैं। उन्होंने कभी 'सूट-बूट सरकार', 'चौकीदार चोर है' जैसे स्लोगन नहीं दिए। इसलिए मुझे लगता है कि स्टालिन INDIA ब्लॉक के चेयरमैन बनने के लिए सबसे अच्छे हैं। उनका सबसे बड़ा गुण यह है कि वे राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने के रास्ते में नहीं आएंगे।'
इसके अलावा उन्होंने केरल की राजनीति पर भी बात की। उन्होंने पिनाराई विजयन की सरकार की तारीफ की। उन्होंने केरल में कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी झगड़ों पर कहा, 'जिस पार्टी के नेता एक-दूसरे का विरोध करते हों, उस पार्टी को कौन वोट देगा? केरल के लोग कांग्रेस के नेतृत्व के बारे में सब जानते हैं। कम से कम पिनाराई की सरकार में अनुशासन है। उनके पास कोई मणि शंकर अय्यर नहीं हैं। मैं ऐसा इसलिए हूं क्योंकि गांधी जी के खिलाफ नेहरू और सुभाष चंद्र बोस बगावत करते थे, फिर भी गांधी जी ने नेहरू को प्रधानमंत्री बनाया। आज कांग्रेस असहमति से कैसे निपटती है? वह पवन खेड़ा जैसे व्यक्ति को प्रवक्ता बना देती है। मेरे लिए पवन खेड़ा के प्रति कोई सम्मान नहीं है।'
पवन खेड़ा को बोला ‘कठपुतली’
अय्यर ने पवन खेड़ा को 'कठपुतली' और 'तोता' कहा। उन्होंने कहा, 'पवन खेड़ा जो भी बोलते हैं, वह जयराम रमेश से सुनकर दोहराते हैं। पार्टी में लाखों बेहतर लोग हैं, लेकिन इन्हें प्रवक्ता बनाया गया। पवन खेड़ा दिल्ली में एमए बेबी के साथ गठजोड़ करते हैं और मुझे पिनाराई विजयन से जुड़ने पर गुस्सा करते हैं। यह कैसा कांग्रेसी है?'
उन्होंने केसी वेणुगोपाल पर भी निशाना साधा। अय्यर ने कहा, 'एक पार्टी की क्या हालत होगी जो केसी वेणुगोपाल जैसे शख्स को सरदार पटेल और राहुल गांधी के स्तर पर ले आए?'
शशि थरूर पर भी साधा निशाना
शशि थरूर पर बोलते हुए अय्यर ने कहा कि थरूर पाकिस्तान विरोधी हैं और विदेश मंत्री बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'केरल में एक तिहाई मुस्लिम आबादी है, ऐसे व्यक्ति को केरल में लोग मुख्यमंत्री के तौर पर कैसे स्वीकार करेंगे? वह बीजेपी के लिए भी विदेश मंत्री बनने को तैयार हैं।'
अय्यर ने खुद को पार्टी का सदस्य बताते हुए कहा, 'मैं कांग्रेस में हूं, छोड़ा नहीं है। अगर पवन खेड़ा मुझे निकालेंगे, तो मैं खुशी से बाहर जाऊंगा और उनकी धज्जियां उड़ा दूंगा।' उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, 'मैं गांधीवादी हूं, नेहरूवादी हूं, राजीववादी हूं, लेकिन राहुलियन नहीं हूं। राहुल गांधी भूल गए हैं कि मैं पार्टी का सदस्य हूं।'
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क्या बोले अन्नामलाई?
बीजेपी के पूर्व तमिलनाडु अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने अय्यर के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अय्यर पहले मोदी को चायवाला कहकर अपमानित करते थे। अब वह केरल में कांग्रेस को कमजोर कर रहे हैं और कम्युनिस्टों से गठजोड़ दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस और कम्युनिस्टों के टूटे विचारों को दिखाता है। बीजेपी केरल में बढ़ रही है और यह बयान कांग्रेस की हार का संकेत है।