logo

मूड

ट्रेंडिंग:

दिल्ली में पकड़ा गया लश्कर का आतंकी, बांग्लादेश के रास्ते रची गई थी बड़ी साजिश

दिल्ली में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में ट्रेनिंग मिली थी। वह बांग्लादेश को बेस बनाकर नए लोगों को नेटवर्क से जोड़ रहा था।

Delhi Police

शब्बीर अहमद लोन। (Photo Credit: ANI)

शेयर करें

google_follow_us
Advertisement

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सोमवार को बड़ी सफलता मिली है। गाजीपुर इलाके से लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के हैंडलर शबीर अहमद लोन को पकड़ा है। सोमवार को ही उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। जहां से अदालत ने उसे पांच दिन की हिरासत में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक आरोपी शबीर अहमद लोन श्रीनगर का रहने वाला है। 

 

पाकिस्तान की कुख्यात एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के हैंडलरों से संपर्क करने के बाद शबीर एक मॉड्यूल का संचालन करने लगा। कुछ दिन पहले ही दिल्ली पुलिस ने इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। मॉड्यूल से जुड़े लोग कोलकाता और दिल्ली में देश विरोधी पोस्टर लगाने में शामिल थे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक शबीर अहमद को 'कश्मीरी' और 'राजा' नाम से भी जाना जाता है।

 

 

 

 

यह भी पढ़ें: जैसे ट्रंप मोदी को वैसे मोदी पिनाराई विजयन को कंट्रोल करते हैं- राहुल गांधी

 

22 फरवरी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मेट्रो पोस्टर से जुड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। सात बांग्लादेशी नागरिक समेत आठ लोगों को पकड़ा गया था। इसके बाद तमिलनाडु के तिरुपुर से छह बांग्लादेशी नागरिकों को दबोचा गया था। इनके पास से करीब 2,300 बांग्लादेशी टका, 1,400 यूनिट नेपाली मुद्रा, 5,000 यूनिट पाकिस्तानी मुद्रा, 3,000 यूनिट भारतीय मुद्रा और एक नेपाली सिम कार्ड मिला था। स्पेशल सेल के प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि शबीर अहमद लोन इन सभी का हैंडलर था। तभी से आरोपी की तलाश थी। 

पहले भी पकड़ा जा चुका शबीर अहमद 

अधिकारियों के मुताबिक साल 2007 में शबीर अहमद लोन को हैंड ग्रेनेड और एके 47 राइफल के साथ गिरफ्तार किया गया था। पाकिस्तान से ट्रेनिंग हासिल करने के बाद वह टारगेट किलिंग की खातिर भारत आया था। 2015 में उसे दोबारा एके 47 के साथ पकड़ा गया। जेल से छूटने के बाद वह बांग्लादेश चला गया। यहां एक नया ऑपरेशनल मॉड्यूल बनाना शुरू किया।

 

 

 

बांग्लादेश से चला रहा था नेटवर्क

बांग्लादेश से ही शबीर ने आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े अबू हुजैफा और सुमामा बाबर कोड नेम वाले हैंडलर्स से संपर्क स्थापित किया। उसने भारत में मौजूद मॉड्यूल और आईएसआई के एजेंटों के बीच कड़ी का काम किया। 22 फरवरी को पकड़े गए मॉड्यूल को शबीर ने बांग्लादेश से ही तैयार किया था। इसके बाद कोलकाता को अपना ऑपरेशनल बेस बनाया। शबीर ने देशभर में कई संवेदनशील जगहों की रेकी करवाई, ताकि अपनी टीम के ऑपरेशन क्षमता को जांचा जा सके। कई मंदिरों और भीड़भाड़ वाली जगहों की फोटो और वीडियो पाकिस्तान को भेजे गए।

 

यह भी पढ़ें: 49 साल से सरकार नहीं, बीजेपी की तरह कांग्रेस के लिए भी मुश्किल है बंगाल?

कैसे पकड़ा गया शबीर?

मेट्रो स्टेशन पर देश विरोधी पोस्टर लगाने के बाद पुलिस की निगाह उमर फारूक पर पड़ी। दिल्ली पुलिस ने सात बांग्लादेशी नागरिकों समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया। उनकी गिरफ्तारी के बाद ही शबीर अहमद लोन को पकड़ने में सफलता मिली। पुलिस के मुताबिक शबीर अहमद लोन को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर के मुजफ्फराबाद स्थित लश्कर के कैंप में बुनियादी और उन्नत दोनों ट्रेनिंग मिली थी।


और पढ़ें