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'कांग्रेस से जबरन शादी हुई, इसलिए तलाक देना पड़ा', खरगे को देवेगौड़ा का जवाब

कांग्रेस से मोहब्बत और बीजेपी से शादी वाले खरगे के बयान पर पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा ने प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि कांग्रेस से जबरन शादी करवाई गई थी। हमने कांग्रेस को नहीं छोड़ा, बल्कि कांग्रेस ही छोड़कर गई है।

HD Deve Gowda and Mallikarjun Kharge

एचडी देवेगौड़ा और मल्लिकार्जुन खरगे। ( Photo Credit: PTI)

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37 राज्यसभा सांसदों के विदाई के मौके पर दिया गया कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का एक बयान चर्चा में है। उन्होंने देश के पूर्व पीएम और राज्यसभा सांसद एचडी देवेगौड़ा के बारे में कहा कि उन्होंने मोहब्बत तो उनसे (कांग्रेस) की। मगर शादी मोदी साहब से कर ली। हल्के-फुल्के अंदाज में कही गई मल्लिकार्जुन खरगे की इस बात पर एचडी देवेगौड़ा ने बयान जारी किया है।

 

देवेगौड़ा का कहना है कि उनकी कांग्रेस से जबरन शादी करवाई गई थी। यही कारण है कि उन्हें तलाक देना पड़ा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मैंने कांग्रेस गठबंधन नहीं छोड़ा, बल्कि कांग्रेस खुद ही छोड़कर गई है। उसने मेरे पास 'तलाक' देने और एक स्थिर गठबंधन खोजने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा। 

 

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अपने बयान में एचडी देवेगौड़ा ने कहा, 'मेरे प्यारे और पुराने दोस्त मल्लिकार्जुन खरगे ने आज (बुधवार) संसद में मेरे बारे में हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस के 'प्यार' में था, लेकिन आखिर में मैंने मोदी जी (बीजेपी) से 'शादी' कर ली। उन्हें इसका कारण नहीं पता कि मैंने ऐसा क्यों किया?' 

 

 

 

'कांग्रेस से जबरन शादी हुई थी'

देवेगौड़ा ने आगे कहा, 'जब खरगे बोल रहे थे तब मैं सदन में मौजूद नहीं था। अगर मैं अपने दोस्त को शादी वाली ही भाषा में जवाब दूं तो मैं यह कहना चाहूंगा कि कांग्रेस के साथ मेरी 'जबरदस्ती की शादी' हुई थी, लेकिन मुझे उन्हें 'तलाक' देना पड़ा, क्योंकि वह एक ज्यादती भरा रिश्ता था। मैंने कांग्रेस गठबंधन को नहीं छोड़ा। वे खुद ही छोड़कर गए हैं। उन्होंने मेरे पास 'तलाक' देने और एक अधिक भरोसे का गठबंधन खोजने के अलावा कोई और चारा नहीं छोड़ा था।'

खरगे को बनना चाहिए था सीएम: देवगौड़ा

अपने बयान में पूर्व प्रधानमंत्री ने दावा किया कि खरगे को याद होगा कि 2018 में कांग्रेस ने  गुलाम नबी आजाद को भेजा था। कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री पद का प्रस्ताव दिया गया था। मैंने इसकी मंजूरी नहीं दी थी और सबके सामने कहा था कि खरगे को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। सिद्धारमैया भी वहां मौजूद थे। हालांकि गुलाम नबी आजाद ने कुमारस्वामी के नेतृत्व पर बल दिया।

 

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'धूमधाम शादी के बाद क्या किया'

देवेगौड़ा ने कहा, 'इतनी सारी धूमधाम और शादी के बाद 2019 में उन्होंने क्या किया? उन्होंने हमें छोड़ दिया। कांग्रेस के कितने विधायक बीजेपी में चले गए और उन्हें किसने भेजा, यह अब सबको पता है। अगर कांग्रेस ने उस दिन दलबदल के लिए उकसाने वाले व्यक्ति के खिलाफ एक्शन लिया होता तो आज मेरे दोस्त खरगे कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर अच्छी स्थिति में होते।'


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