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बिजली से लेकर रियल स्टेट तक, क्या है जनविश्वास विधेयक जिसमें किए गए ढेरों बदलाव?

सरकार ने लोकसभा में जनविश्वास विधेयक संशोधन विधेयक पेश किया जिसमें मोटर वाहन अधिनियम से लेकर अन्य तमाम मामलों में बड़े बदलाव किए गए हैं।

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लोकसभा। Photo Credit: PTI

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शुक्रवार को केंद्र सरकार ने लोकसभा में जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक का मकसद छोटे-छोटे गलतियों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना है, ताकि लोगों के लिए जीवन आसान हो सके। यह विधेयक वाणिज्य और उद्योग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में पेश किया।

 

इस विधेयक से 23 मंत्रालयों के अधीन आने वाले 79 केंद्रीय कानूनों में बदलाव किए जाएंगे, कुल 784 प्रावधानों को संशोधित किया जाएगा, इनमें से 717 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटाकर डीक्रिमिनलाइज किया जाएगा, जिससे व्यापार आसान होगा और 67 प्रावधानों में बदलाव करके आम लोगों के जीवन को आसान बनाने (ईज ऑफ लिविंग) की कोशिश की गई है।

 

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क्या-क्या बदलाव हो रहे हैं?

विधेयक में प्रस्तावित मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं-

  1. मोटर वाहन अधिनियम में बदलाव: ड्राइविंग लाइसेंस खत्म होने के बाद 30 दिन का ग्रेस पीरियड दिया जाएगा। इस दौरान लाइसेंस अभी भी मान्य होगा।

  2. खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006: जब्त किए गए सामान (जैसे खाना या वाहन) से छेड़छाड़ करने पर पहले 6 महीने की सजा थी, अब इसे घटाकर 3 महीने कर दिया जाएगा।

  3. कैटल ट्रेसपास एक्ट (पशु घुसपैठ अधिनियम): 153 साल पुराने इस कानून में अब बड़ा बदलाव देखेने को मिलेगा। कई अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटा दिया जाएगा। जेल की सजा की जगह सिर्फ पैसे का जुर्माना लगेगा और जो जुर्माना वसूला जाएगा, उसे पशु कल्याण के काम में लगाया जाएगा।

  4. बिजली अधिनियम: सरकारी आदेशों का पालन न करने पर जेल की सजा हटा दी जाएगी। इसके बजाय जुर्माना बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक किया जाएगा।

  5. नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) अधिनियम: संपत्ति कर को अब दो हिस्सों में बांटा जाएगा, बिल्डिंग टैक्स और खाली जमीन का टैक्स। पुरानी व्यवस्था बदल दी जाएगी।

  6. स्लम एरिया (सुधार और सफाई) अधिनियम, 1956: अब जेल की सजा की जगह 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा। अगर उल्लंघन जारी रहा तो रोजाना 1,000 रुपये अतिरिक्त जुर्माना लगेगा, लेकिन कुल मिलाकर 1 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होगा।

  7. रियल एस्टेट (घर खरीदारों को राहत): अगर कोई व्यक्ति रियल एस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के आदेश का पालन नहीं करता तो पहले 1 साल तक जेल हो सकती थी। अब इसकी जगह संपत्ति की कीमत का 10% तक जुर्माना लग सकता है।

  8. सरकारी जगह पर बिना इजाजत कब्जा: अब सजा बहुत सख्त होगी। पहले महीने में लाइसेंस फीस का 40 गुना तक जुर्माना लग सकता है। उसके बाद हर महीने 10% अतिरिक्त बढ़ेगा। सार्वजनिक गैर-आवासीय जमीन पर अवैध कब्जे पर 6 महीने की जेल या जमीन के मूल्य का 5% प्रति वर्ष जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

  9. दिल्ली नगर निगम अधिनियम: अगर कोई कुत्ता बिना पट्टे (लीश) के सड़क पर घूमता पाया गया तो मालिक पर 50 रुपये की जगह अब 1,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।

  10. मेट्रो रेलवे अधिनियम: नशे में होना, आपत्तिजनक सामान ले जाने जैसे अपराधों पर जुर्माना 500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया जाएगा।

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सरकार का उद्देश्य

सरकार का कहना है कि छोटे-मोटे अपराधों में जेल भेजने की बजाय जुर्माना लगाकर काम चलाया जाए। इससे लोगों को परेशानी कम होगी और आम लोगों का जीवन भी आसान बनेगा। यह विधेयक पास होने के बाद कई पुराने सख्त कानूनों में राहत मिलेगी।

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