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'चीन के हाथों भारत ने नहीं गंवाई जमीन', विपक्ष के दावे पर नरवणे का जवाब

भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख मनोज नरवणे ने कहा है कि चीन भारत की किसी भी जमीन पर अधिकार नहीं कर पाया लेकिन अगर कोई मानना ही नहीं चाहता तो कुछ भी नहीं किया जा सकता।

Penguin new clarification on Naravane book row after Rahul Gandhi statement

पूर्व आर्मी चीफ जनरल (रिटायर्ड) एमएम नरवणे, Photo Credit: Social Media/X

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पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) मनोज मुकुंद नरवणे ने शुक्रवार को फिर से साफ कहा कि भारत ने चीन के हाथों कोई जमीन नहीं गंवाई है। साथ ही उन्होंने अपने अप्रकाशित किताब के कुछ अंशों पर लगे राजनीतिक आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद के बजट सत्र में जनरल नरवणे की किताब 'Four Stars of Destiny' के कुछ हिस्सों का हवाला देकर दावा किया था कि चीन ने भारतीय जमीन हड़प ली है लेकिन जनरल नरवणे ने अब इस विवाद पर दो टूक जवाब देते हुए कहा, 'जब मैंने वह बयान दिया था, तब भी मैंने कहा था कि जमीन का कोई नुकसान नहीं हुआ है। आज भी मैं उसी बात पर कायम हूं। यही बात है।'

 

यह भी पढ़ें: क्यों नहीं छप सकी मनोज नरवणे की किताब, समझें क्या है नियम?

 

उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि यह विवाद हकीकत से ज्यादा धारणा बनाने का है। जनरल नरवणे ने कहा, 'अगर कोई व्यक्ति मानना ही नहीं चाहता तो कोई भी बयान या सबूत उसका मन नहीं बदल सकता। हमने पूरी कोशिश की, लेकिन अगर कोई सच्चाई को स्वीकार नहीं करना चाहता और अपनी अलग राय पर अड़ा रहता है, तो वैसा ही सही।'

 

 

 

क्या है मामला?

फरवरी में संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब से कुछ अंश पढ़ने की कोशिश की थी। स्पीकर ने उन्हें रोका क्योंकि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई थी। इसके बाद राहुल गांधी किताब की एक कॉपी लेकर सत्र में मौजूद रहे। उन्होंने किताब के हवाले से दावा किया कि जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य को बताया था कि 'चीनी टैंक आगे बढ़ रहे हैं', लेकिन सरकार की तरफ से लंबे समय तक कोई सीधा जवाब नहीं आया।

 

जनरल नरवणे ने अब इन सभी दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने हमेशा यही कहा है कि भारत ने कोई क्षेत्र नहीं खोया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-चीन सीमा पर तनाव अभी भी जारी है लेकिन पूर्व सेना प्रमुख ने साफ किया कि 2020 के गतिरोध के दौरान जमीन का कोई नुकसान नहीं हुआ है।

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