logo

ट्रेंडिंग:

दिल्ली हाईकोर्ट से मिली IYC अध्यक्ष उदय भानु राहत, रिहाई का रास्ता हुआ साफ

एक अहम फैसले में दिल्ली हाई कोर्ट ने इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के नेशनल प्रेसिडेंट उदय भानु चिब की रिहाई पर लगी रोक हटा दी है।

Delhi high court on uday bhanu chib

उदय भानु चिब, Photo Credit: UdayBhanuIYC/X

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार, 2 मार्च को एक अहम फैसले में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की रिहाई पर लगी रोक हटा दी। कोर्ट ने सेशन कोर्ट के उस ऑर्डर पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें बिना किसी ठोस वजह के चिब की बेल पर रोक लगा दी गई थी।

 

सेशन कोर्ट ने बिना कोई साफ वजह बताए 28 फरवरी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट वंशिका मेहता द्वारा दी गई उदय भानु चिब की जमानत पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी थी। एडिशनल सेशन जज अमित बंसल ने प्रॉसिक्यूशन की अपील पर रोक लगा दी, जबकि चिब को अपना केस पेश करने का मौका भी नहीं दिया गया था।

 

 

 

 

यह भी पढ़ें: खामेनेई की हत्या के विरोध में भड़क उठा कश्मीर, लाठीचार्ज के बाद इंटरनेट बंद

क्या है पूरा मामला?

20 फरवरी को उदय भानु चिब के नेतृत्व में करीब 15–20 IYC के सदस्य AI समिट के दौरान अचानक विरोध करने लगे। उन्होंने अपनी शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें दिखाईं और नारेबाजी की। इस घटना के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ साजिश रचने, सरकारी अधिकारी पर हमला करने, आदेश की अवहेलना करने और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि यह विरोध पहले से प्लान किया गया था और उनके पास इसके सबूत भी हैं।

हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी

होली की छुट्टी की वजह से हाई कोर्ट 9 मार्च तक बंद था लेकिन जस्टिस सौरभ बनर्जी ने पिटीशन पर सुनवाई के लिए स्पेशल सिटिंग बुलाई और सेशंस कोर्ट के ऑर्डर पर रोक लगा दी। जस्टिस बनर्जी ने कहा कि सेशंस कोर्ट के आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि जमानत रोकना क्यों जरूरी था। बिना दिमाग का इस्तेमाल किए ऐसा फैसला नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने पूछा कि इस मामले में ऐसी क्या दुर्लभ स्थिति थी कि आरोपी को सुने बिना ही स्टे दे दिया गया? प्रथम दृष्टया हाईकोर्ट इस आदेश से संतुष्ट नहीं दिखा।

 

यह भी पढ़ें: '10 बजे फ्लाइट थी अब कैंसिल...', मिडिल ईस्ट संकट के बीच एयरपोर्ट पर फंसे यात्री

 

उदय भानु चिब की तरफ से सीनियर वकील सिद्धार्थ लुत्रा और सलमान खुर्शीद ने दलील दी कि यह ऑर्डर बिना सुनवाई और बिना किसी ठोस वजह के पास किया गया। लुत्रा ने दिल्ली पुलिस के एक्शन को 'शॉकिंग बताया। पुलिस ने कहा कि मामले की अभी भी जांच चल रही है और काफी सबूत मिलने के बाद एक्शन लिया जाएगा।


और पढ़ें