logo

ट्रेंडिंग:

कंटेंट क्रिएटर्स प्रसार भारती पर दिखा सकते हैं अपनी प्रतिभा, जानें क्या हैं नियम

प्रसार भारती ने डिजिटल कंटेट क्रिएटर्स के लिए नया रास्ता खोल दिया है। प्रसार भारती ने क्रिएटर्स कॉर्नर नाम का नया सेगमेंट लॉन्च किया है, जिससे कंटेंट क्रिएटर्स को मुख्य धारा में लाया जा सके।

Representational Picture

प्रतीकात्मक तस्वीर: Photo Credit: Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

प्रसार भारती ने शुक्रवार को डीडी न्यूज पर क्रिएटर्स कॉर्नर नाम से एक नया सेगमेंट शुरू किया है। इसका मकसद देशभर के उभरते डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को एक राष्ट्रीय मंच देना है। यह पहल केंद्र सरकार की उस सोच से जुड़ी है, जिसमें भारत की तेजी से बढ़ती क्रिएटर इकोनॉमी को पहचान देने और उसे मुख्यधारा में लाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की ऑरेंज इकोनॉमी (जो नए और अनोखे विचारों, क्रिएटिविटी, संस्कृति और अपनी बनाई हुई चीजों पर आधारित होती है) को मजबूत करने की नीति के अनुरूप यह मंच न केवल कंटेंट क्रिएशन को नई पहचान देगा, बल्कि छोटे शहरों और क्षेत्रीय भाषाओं में काम कर रहे क्रिएटर्स के लिए भी नए अवसर खोलेगा।

 

यह पहल ऐसे समय में आई है, जब भारत की क्रिएटर इकोनॉमी तेजी से बढ़ रही है और डिजिटल प्लेटफॉर्म से निकलकर अब सार्वजनिक प्रसारण का हिस्सा बनने जा रही है। प्रसार भारती ने शुक्रवार को डीडी न्यूज पर क्रिएटर्स कॉर्नर सेगमेंट शुरू किया है। यह पहल केंद्र सरकार की उस सोच से जुड़ी है, जिसमें भारत की तेजी से बढ़ती क्रिएटर इकोनॉमी को पहचान देने और उसे मुख्यधारा में लाने पर जोर दिया जा रहा है।

 

यह भी पढ़ें: 'तेजस्वी ने मुझे घर से निकाला', रोहिणी बोलीं- संजय पर बोला तो चप्पल से पिटवाएंगे

किसने की इसी शुरुआत

इस सेगमेंट की शुरुआत सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते दस वर्षों में देश के कई क्षेत्रों में बड़े बदलाव हुए हैं। अब इसी तरह के सुधार प्रसार भारती में भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि साल 2026 को 'बड़े सुधारों का साल' माना जा रहा है, जिसमें सूचना और प्रसारण मंत्रालय का पुनर्गठन भी शामिल है, जिससे दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो जैसे संस्थान क्रिएटर्स के लिए ज्यादा अनुकूल और तकनीक आधारित बन सकें।

 

अश्विनी वैष्णव ने पिछले साल शुरू किए गए WAVES प्लेटफॉर्म का जिक्र करते हुए कहा कि यह ऑरेंज इकोनॉमी के लिए गेम चेंजर साबित हो रहा है। इस प्लेटफॉर्म से करीब एक करोड़ युवा क्रिएटर्स को मौके मिला है, नए रोजगार बने हैं और लगभग 5,000 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधि पैदा हुई है।

 

यह भी पढ़ेंलालू प्रसाद की बेटी रोहिणी ने जिन पर लगाए आरोप, वो संजय यादव और रमीज कौन हैं?

सूचना और प्रसारण मंत्री ने क्या कहा?

सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने कहा कि 'क्रिएटर्स कॉर्नर' छोटे शहरों और अलग-अलग भाषाई समुदायों के उन क्रिएटर्स को ताकत देगा, जो खुद ही कंटेंट बनाते, एडिट करते और उसे लोगों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि अब दूरदर्शन ऐसे क्रिएटर्स को एक भरोसेमंद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच देगा, जो सरकार के ऑरेंज इकोनॉमी को मजबूत करने के विजन के अनुरूप है।

सूचना प्रसारण सचिव संजय बाबू ने बताया इसका उद्देश्य

सूचना और प्रसारण सचिव संजय जाजू ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य एक ऐसा जिम्मेदार, समावेशी और मजबूत इकोसिस्टम बनाना है, जिसमें क्रिएटर्स को पूरी तरह कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में पहचाना जाए। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह सेगमेंट डीडी न्यूज पर शुरू किया जा रहा है लेकिन आगे चलकर इसे दूरदर्शन के अन्य चैनलों तक भी बढ़ाया जाएगा। इसके लिए एक खास प्राइम टाइम स्लॉट रखा जाएगा, जिससे क्रिएटर्स ज्यादा लोगों तक अपनी बात पहुंचा सकें और पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग में नए नजरिए जुड़ सकें।

कितने बजे से आएगा क्रिएटर्स कॉर्नर का शो?

'क्रिएटर्स कॉर्नर' डीडी न्यूज पर सोमवार से शुक्रवार शाम 7 बजे प्रसारित होगा। इसको दोबारा अगले दिन सुबह 9:30 बजे प्रसारित किया जाएगा। हर एपिसोड में 4 से 6 छोटे वीडियो दिखाए जाएंगे, जिनमें खबरें, संस्कृति, यात्रा, खान-पान, कला, स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान, पर्यावरण और मनोरंजन जैसे विषय शामिल होंगे। जो क्रिएटर्स इसमें हिस्सा लेना चाहते हैं, वे प्रसार भारती के जरिए  ईमेल या संपर्क नंबर के जरिए अपना कंटेंट भेज सकते हैं।

Related Topic:#National News

और पढ़ें