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6 साल से बैन है ई-सिगरेट, अगर पीते हैं तो क्या हो सकती है सजा? समझिए

संसद में ई-सिगरेट का मुद्दा उठा है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दावा किया कि टीएमसी के सांसद ई-सिगरेट पीते हैं। ऐसे में जानते हैं कि इसे पीने पर क्या सजा हो सकती है?

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प्रतीकात्मक तस्वीर। (AI Generated Image)

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ई-सिगरेट को लेकर संसद में बवाल हो गया है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने ई-सिगरेट का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी के सांसद सदन में ई-सिगरेट पीते हैं। इसके बाद कई बीजेपी सांसदों ने भी कहा कि टीएमसी सांसद सदन के अंदर ई-सिगरेट पी रहे हैं तो यह सदन का अपमान है। वहीं, टीएमसी सांसद सौगत राय ने कहा कि हम सदन के परिसर में ई-सिगरेट पी सकते हैं।


केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने कहा, 'बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने यह मुद्दा उठाया। ई-सिगरेट पर 2019 से प्रतिबंध है और अगर सांसद सदन के अंदर इसे पी रहे हैं तो यह सदन की गरिमा को नुकसाम पहुंचाता है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।' उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह दिखाता है कि टीएमसी सदन का कितना सम्मान करती है।


वहीं, टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद का कहना है कि अनुराग ठाकुर ने न तो किसी का नाम लिया और न ही कोई सबूत दिया। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ संसद का समय बर्बाद कर रहे हैं।

 

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अनुराग ठाकुर ने स्पीकर को लिखी चिट्ठी

अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को संसद में यह मुद्दा उठाया था। अब शुक्रवार को उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर नियमों और कानूनों के उल्लंघन के बारे में शिकायत की।


उन्होंने कहा, 'टीएमसी के एक सांसद को सदन में बैठे हुए खुलेआम ई-सिगरेट का इस्तेमाल करते देखा गया। भारतीय लोकतंत्र के पवित्र स्थान, लोकसभा चैंबर के अंदर एक प्रतिबंधित चीज का खुलेआम इस्तेमाल न केवल संसदीय मर्यादा का उल्लंघन है, बल्कि इस सदन के बनाए कानूनों के तहत एक अपराध भी है।'

 

 

इन आरोपों पर टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने गुरुवार को कहा था कि संसद परिसर में ई-सिगरेट पी सकते हैं लेकिन सदन के अंदर नहीं पी सकते। 

 

 

सौगत रॉय ने शुक्रवार को कहा, 'सदन के अंदर सिगरेट पीना मना है लेकिन सदन के बाहर खुली जगह में सिगरेट पीने पर कोई आपत्ति नहीं है। बीजेपी सरकार के दौरान दिल्ली में प्रदूषण सबसे ज्यादा है। उन्हें ऐसे आरोप लगाने के बजाय इस पर ध्यान देना चाहिए।'

 

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ई-सिगरेट पीने पर क्या हो सकता है?

भारत में 2019 से ई-सिगरेट पर प्रतिबंध है। इसे लेकर 2019 में कानून बनाया गया था। इस कानून के तहत, ई-सिगरेट को पीने, अपने पास रखने या बेचने पर प्रतिबंध है।


इस कानून के तहत, ई-सिगरेट को बिक्री करने पर पूरी तरह से रोक है। जो कोई भी ऐसा करता है, उसे पहली बार दोषी पाए जाने पर 1 साल की जेल या 1 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। दूसरी बार दोषी पाए जाने पर 3 साल की जेल या 5 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।


इसी तरह, अगर कोई भी व्यक्ति ई-सिगरेट पीता है या अपने पास रखता है तो 6 महीने की जेल या 50 हजार रुपये का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।


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