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Pariksha Pe Charcha: दीपिका ने बच्चों को बताया कैसे तनाव को करें दूर

दीपिका पादुकोण ने 'परीक्षा पे चर्चा' में बच्चों से बात चीत की। उन्होंने अपने डिप्रेशन की जर्नी के बारे में बताया। साथ ही बच्चों को पेपर के समय में तनाव को कम करने के तरीके भी बताएं।

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दीपिका पादुकोण (Photo Credit: ANI)

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बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण किसी पहचान की मोहताज नहीं है। वह भारतीय सिनेमा की टॉप अभिनेत्रियों में से एक हैं। उन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक फिल्में दी हैं। दीपिका ने पहली बार अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह डिप्रेशन से गुजर चुकी हैं। उन्होंने उस इंटरव्यू में मेंटल हेल्थ के बारे में खुलकर बात की थी। उनका एनजीओ भी है जो मेंटल हेल्थ के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम करता है। दीपिका हाल ही में 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम में शामिल हुईं।

 

इस कार्यक्रम में उन्होंने बच्चों से बातचीत की। उन्होंने अपने डिप्रेशन की जर्नी के बारे में भी जिक्र किया। साथ ही बच्चों को बताया कि कैसे परीक्षा के समय में वे तनाव को कम कर सकते हैं। दीपिका से पूछा गया कि आपको कब लगा कि आप डिप्रेशन से पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल के बाद स्पोर्ट्स उसके बाद मॉडलिंग। मैं लगातार काम कर रही थी। एक दिन मैं सेट पर काम करते हुए बेहोश होकर गिर गई। कुछ दिनों बाद मुझे समझ आया कि मैं डिप्रेशन से पीड़ित हूं।

 

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डिप्रेशन की वजह से जीना नहीं चाहती थीं दीपिका

 

डिप्रेशन एक ऐसी चीज है जिसे आप देख नहीं सकते हैं क्योंकि ये एक ऐसी चीज है कि यहां बैठे कई लोग एंग्जायटी महसूस करते हैं। मगर वो किसी को दिखता नहीं है क्योंकि मैं सबसे मिल रही हूं, हाई-हेल्लो बोल रही हूं। ऊपर से तो खुश दिख रही हूं। मैंने बहुत समय तक किसी को नहीं बताया। मैं मुंबई में अकेले रहती थी, मेरी मम्मी मुझसे कुछ दिन के लिए मिलने आई थी जब वो जाने लगी तो मैं रोने लगी। उन्होंने पूछा कि क्या हुआ, किसी ने कुछ कहा। मैंने कहा नहीं, मैं निराशावादी हो गई हूं। मैं जीना नहीं चाहती हूं लेकिन मैं खुशनसीब थी कि मेरी मां ने कहा कि एक साइकोलॉजिस्ट को फोन करते हैं।

 

 

हमारे देश में मेंटल हेल्थ को कलंक माना जाता था कि ये मुझे कैसे हो सकता है। फिर जैसे ही मैं इसके बारे में बात करने लगीं तो मैं खुद को हल्का महसूस करने लगीं। वहीं, से मेरी मेंटल हेल्थ अवेयरनेस को लेकर जर्नी शुरू हुई। डिप्रेशन, एंग्जायटी, स्ट्रेस कभी भी किसी को हो सकता है। उन्होंने कहा हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी किताब एग्जाम वॉरियर में लिखा है, हमेश एक्सप्रेस करो, दबाओ मत।

 

बच्चों को बताया पेपर के समय में तनाव को कैसे दूर करें

 

 

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एक बच्चे ने उनसे पूछा कि एग्जाम के समय में जो तनाव होता है उससे कैसे बचे? दीपिका ने जवाब दिया कि आप पहले सोचे कि क्या आप इस एग्जाम के लिए तैयार हो या नहीं। पेपर से एक रात पहले अपने पेरेंट्स या टीचर से बात करो। साथ ही पता लगाओ की स्ट्रेस का कारण क्या है। आपको किस वजह से तनाव हो रहा है उसके बारे में उस व्यक्ति से बात करें जिस पर आपको सबसे ज्यादा भरोसा हो। क्या आप एक्सरसाइज या मेडिटेशन कर रहे हो। स्ट्रेस को दूर करने के लिए इन सभी चीजों को अपना सकते हैं।

 

 

 

 


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