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कौन हैं जापान की 'आयरन लेडी' साने ताकाइची, बनेंगी अगली PM!

15 अक्तूबर को जापान को पहली महिला प्रधानमंत्री मिल सकती है। साने ताकाइची का नाम सबसे आगे चल रहा है। वह खुद को आयरन लेडी बनाना चाहती हैं।

Sanae Takaichi.

साने ताकाइची। (Photo Credit: X/@takaichi_sanae)

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64 वर्षीय साने ताकाइची जापान की अगली प्रधानमंत्री बनने की राह में है। उन्हें सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) का नेता चुन लिया गया है। जापान में एलडीपी पार्टी घोटालों में घिरी है। साने ताकाइची के सामने लोगों का विश्वास जीतने की चुनौती है। पार्टी अध्यक्ष बनने से पहले ताकाइची देश की आर्थिक सुरक्षा मंत्री भी रह चुकी हैं। जापान की सियासत में हमेशा पुरुषों का दबदबा रहा है। ताकाइची को ब्रिटिश प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर का प्रशंसक माना जाता है। वह राष्ट्रवादी रुख रखने वाली नेता हैं। आइये जानते हैं साने ताकाइची के बारे में...

 

साने ताकाइची का जन्म 1961 में जापान के नारा प्रान्त में हुआ। उनके पिता सरकारी कर्मचारी और मां पुलिस अधिकारी थीं। उनके परिवार का सियासत से लेना-देना नहीं था। राजनीति में आने से पहले ताकाइची ने टेलीविजन होस्ट के तौर पर काम किया। साने ताकाइची ने साल 1992 में पहली बार संसदीय चुनाव बतौर निर्दलीय प्रत्याशी लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली।

 

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10 बार सांसद रह चुकीं ताकाइची

अगले साल 1993 में दूसरी बार चुनाव लड़ा और पहली बार जीत हासिल की। तीन साल बाद 1996 में एलडीपी ज्वाइन की। वह जापान की आर्थिक सुरक्षा मंत्री, व्यापार एवं उद्योग राज्य मंत्री, आंतरिक मामलों और संचार मंत्री के तौर पर काम कर चुकी हैं। 10 बार सांसद रहने वाली साने ताकाइची जापान में मुखर राष्ट्रवादी आवाज हैं। एक स्कूल के दौरे पर साने ताकाइची ने कहा था कि उनका लक्ष्य आयरन लेडी बनने का है।

दो बार हारीं, तीसरी बार सफलता मिली

2021 में साने ताकाइची ने लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी अध्यक्ष का चुनाव लड़ा। उन्हें फुमियो किशिदा के सामने हार देखनी पड़ी। तीन साल बाद 2024 में दोबारा चुनाव लड़ा। इस चुनाव में वे शिगेरु इशिबा से हार गईं। 2025 में तीसरे प्रयास में साने ताकाइची को सफलता मिली। अब प्रधानमंत्री बनने की रेस में सबसे आगे हैं। अगर ऐसा होता है तो वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री होंगी। 

 

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एलडीपी पार्टी का किससे मुकाबला?

ताकाइची को जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की शिष्या माना जाता है। विचारों से बेहद कट्टर रुढ़िवादी हैं। 1995 में जन्म एलडीपी पार्टी अपने 30 साल के करियर में सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। गिरती जनसंख्या और सुस्त अर्थव्यवस्था के कारण लोगों को गुस्सा बढ़ता जा रहा है। इस पार्टी का मुकाबला सान्सेतो पार्टी से है। यह जापानी फर्स्ट के नारे के साथ चुनाव मैदान में उतरी है। अब उम्मीद है कि 15 अक्तूबर को ताकाइची के प्रधानमंत्री बनने पर संसद की मुहर लग सकती है।  

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