अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान के खार्ग द्वीप पर हमले की खबर है। ईरानी मीडिया के मुताबिक मंगलवार दोपहर को द्वीप में धमाकों की आवाज सुनाई पड़ी है। ईरान की सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी ने एक टेलीग्राम पोस्ट में बताया कि अमेरिकी-जायोनी दुश्मन ने खार्ग द्वीप पर कई हमले किए हैं। यहां कई धमाकों की आवाज सुनी गई है।
कुछ रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि खार्ग द्वीप पर स्थित ईरान के तेल निर्यात केंद्र को निशाना बनाया गया है। अगर ऐसा हुआ हो तो ईरान से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है। बता दें कि पिछले 10 दिनों से दुनियाभर में खार्ग द्वीप की चर्चा है। अमेरिका यहां जमीनी हमले की तैयारी में है। ट्रंप प्रशासन को लगता है कि यहां हमला करके ईरान पर होर्मुज की खाड़ी को खोलने का दबाव बनाया जा सकता है।
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खार्ग द्वीप पर हमले के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने खाड़ी के अन्य देशों को बड़ी चेतावनी दी है। आईआरजीसी ने कहा कि अब संयम का दौर खत्म हो चुका है। वे इस इलाके में अमेरिका और उसके सहयोगियों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएंगे। क्षेत्रीय तेल और गैस आपूर्ति को वर्षों तक बाधित करेंगे।
खार्ग द्वीप पर कितना निर्भर ईरान?
ईरान का खार्ग द्वीप पांच मील लंबा और तीन मील चौड़ा है। मगर ईरान का 90 फीसद तेल निर्यात यही से होता है। करीब 30 मिलियन बैरल तेल के भंडार हैं। पिछले कई हफ्ते से अमेरिका इस द्वीप पर हमले की योजना बना रहा है। उसने करीब 10 हजार जवानों को मध्य पूर्व भेजा है।
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रणनीतिकारों के मुताबिक ट्रांसपोर्ट एयरक्रॉफ्ट की मदद से अमेरिकी सेना यहां सैनिकों को उतारकर जमीनी हमला छेड़ सकती है। खार्ग द्वीप ईरान की मुख्य भूमि से 16 मील की दूरी पर स्थित है। वहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से करीब 300 मील दूर है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण यहां आम लोगों का पहुंचना बेहद मुश्किल है।