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'ट्रंप जंग न रोकते तो तबाही मचती,' UN में ऑपरेशन सिंदूर पर शहबाज शरीफ

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र सभा में भारत के ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि पहले भारत को जांच करानी चाहिए थी।

Shahbaz Sharif

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ। (Photo Credit: UN)

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच जंग रुकवाने का श्रेय अमेरिका को जाता है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपि डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की। उन्होंने दावा किया कि भारत ने उनकी पूर्वी सीमा पर हमला बोला जिसका जवाब पाकिस्तान ने दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पहले पहलगाम हमले की निष्पक्ष जांच की पेशकश की थी। शहबाज शरीफ ने यह भी कहा कि पाकिस्तान कायदे आजम मुहम्मद अली जिन्ना के नजरिए के हिसाब से ही बातचीत और शांति के जरिए विवाद का समाधान चाहता है। 

शहबाज शरीफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पहलगाम आतंकी हमले का राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर जब भी हमला किया जाएगा, उसका जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान आत्मरक्षा में कदम उठाएगा।

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शहबाज शरीफ, प्रधानमंत्री, पाकिस्तान:- 
हमने भारत के साथ जंग जीत ली है। अब हम शांति चाहते हैं। पाकिस्तान सभी अनसुलझे मुद्दों पर भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार है। 

ट्रंप के लिए नोबल चाहते हैं शहबाज शरीफ

शहबाज शरीफ ने डोनाल्ड ट्रंप के लिए नोबल पुरस्कार की मांग की है। खुद ट्रंप भी अपने लिए कई बार यह पुरस्कार मांग चुके हैं। उनका दावा है कि भारत औ पाकिस्तान की जंग उन्होंने रुकवाई थी।

शहबाज शरीफ:-
अगर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव में दखल नहीं दिया होता तो युद्ध के परिणाम विनाशकारी हो सकते थे। पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध रोकने के लिए ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं।


सिंधु जल संधि पर क्या कहा?


शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में भारत पर सिंधु जल संधि को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'भारत का इस संधि को निलंबित करने का कदम संधि के नियमों और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। यह युद्ध की स्थिति है, पाकिस्तान अपने पानी के अधिकारों की रक्षा करेगा।'

भारत ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित किया था। भारत का कहना है कि पाकिस्तान आतंक को बढ़ावा देता है, संधि की शर्तों को तोड़ता है। 

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सिंधु जल संधि क्या है?

1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई इस संधि के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच नदियों का बंटवारा हुआ। भारत को रावी, ब्यास और सतलुज नदियां मिलीं, जबकि पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चिनाब नदियां दी गईं। भारत में कई लोग इस संधि को पानी के बंटवारे के मामले में असमान मानते हैं।

कश्मीरपर क्या कहा?

शहबाज शरीफ: पाकिस्तान कश्मीरी लोगों के साथ है। भारत कश्मीरी लोगों पर अत्याचार करता है। 

ट्रंप और शहबाज के दावों पर भारत क्या सोचता है?

भारत, पाकिस्तान के साथ जंग में किसी भी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं बर्दाश्त करता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में कहा था, 'पाकिस्तान के साथ कई वर्षों से हमारी नीति द्विपक्षीय रही है। भारत किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं स्वीकार नहीं करता है।'


भारत क्या कहता रहा है?

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसी से जुड़े सवाल के जवाब में कहा था कि कई सालों से एक राष्ट्रीय सहमति रही है कि पाकिस्तान के साथ हमारे सभी मामले आपसी यानी द्विपक्षीय हैं। भारत पाकिस्तान के साथ संघर्ष के मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष की दखल को मंजूरी नहीं देता है। 

ऑपरेशन सिंदूर में क्या हुआ था?

भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी शिविरों को तबाह कर दिया था। 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया था। पाकिस्तान के कई एयरबेस भारतीय सेना की रडार पर थे। 


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