logo

ट्रेंडिंग:

अमेरिका-इजरायल से जंग के बीच ईरान ने किन दो लोगों को फांसी पर चढ़ा दिया?

ईरान ने अदालती आदेश के बाद दो लोगों को शनिवार को फांसी पर चढ़ा दिया है। उन पर आतंकी घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। दोनों को 2024 में गिरफ्तार किया गया था।

Iran News

वाहिद बानी आमेरियन और अबोलहसन मोंटेजर। ( Photo Credit: PMOI)

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

अमेरिका-इजरायल से युद्ध के बीच ईरान ने शनिवार को दो लोगों को फांसी दी है। यह दोनों लोग ईरान के विपक्षी समूह पीपुल्स मोजाहिदीन ऑर्गनाइजेशन ऑफ ईरान से जुड़े थे। इस समूह पर ईरान की सरकार ने प्रतिबंध लगा रखा है। ईरान की सर्वोच्च अदालत ने अपनी सुनवाई में दोनों लोगों को आतंकी कामों में शामिल होने, पीपुल्स मोजाहिदीन ऑर्गनाइजेशन ऑफ ईरान और सशस्त्र विद्रोह का दोषी माना। सर्वोच्च अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद शनिवार सुबह दोनों लोगों को फांसी के फंदे से लटका दिया गया। 

 

पीपुल्स मोजाहिदीन ऑर्गनाइजेशन ऑफ ईरान ने अपनी वेबसाइट पर लिखा कि ईरान की सरकार ने विद्रोहों को रोकने के हताश भरी कोशिशों के तहत पीपुल्स मोजाहिदीन ऑर्गनाइजेशन ऑफ ईरान के सदस्यों वाहिद बानी अमेरियन और अबुलहसन मोंटाजर को फांसी दे दी है। यह भी कहा कि ईरान का मौलवी शासन असंतुषों के खिलाफ राज्य समर्थित आतंक के अपने अभियान को तेजी से बढ़ा रहा है। 

 

यह भी पढ़ें: अमेरिका के हौसले तोड़ रहा ईरान, ट्रंप घिरे, कैसे 'फुस्स' हुई अमेरिकी वायुसेना?

चार अन्य लोगों को भी फांसी पर चढ़ाया

ईरान ने 30 और 31 मार्च को ही चार अन्य लोगों को फांसी दी थी। इनकी पहचान मोहम्मद तगवी, अकबर दानेशवरकर, बावक अलीपुर और पौया घोबादी के तौर पर हुई थी। यह सभी पीपुल्स मोजाहिदीन ऑर्गनाइजेशन ऑफ ईरान के सदस्य थे। समहू का कहना है कि इन सभी छह लोगों को 2024 के आखिर में गिरफ्तार करके एक रिवोल्यूशनरी कोर्ट ने दोषी ठहराया था।

 

 

 

कौन थे फांसी पर चढ़ाए गए शख्स

समूह की वेबसाइट के मुताबिक फांसी पर चढ़ाए गए 66 वर्षीय अबुलहसन मोंटाजेर वास्तुकार थे। 1980 के दशक से पहले राजनीतिक कैदी भी रहे। 33 वर्षीय वाहिद बानी अमेरियन ने मैनेजमेंट में डिग्री हासिल की है। 2017 में आजादी मांगने पर उन्हें चार साल तक जेल में रहना पड़ा है। 2024 में दोनों की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद उन्हें ईरान की कुख्यात एविन जेल के वार्ड 209 में रखा गया। समहू का आरोप है कि यहां दोनों लोगों को गंभीर शारीरिक और मानसिक यातनाओं से गुजरना पड़ा। 

 

यह भी पढ़ें: ईरान में गिरा US फाइटर प्लेन, तलाशी में सेना उतारी, अगर नहीं मिले तो क्या होगा?

तेहरान की कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट से भी लगा झटका

दोनों को तेहरान की रिवोल्यूशनरी कोर्ट की शाखा 26 में तैनात आपराधिक न्यायाधीश इमान अफशारी ने मौत की सजा सुनाई। पिछले साल 16 नवंबर को उनकी पुनर्विचार याचिका को भी खारिज कर दिया गया। पिछले साल दिसंबर में सर्वोच्च न्यायालय ने भी सजा को बरकरार रखा। अब एक हफ्ते के भीतर छह लोगों को फांसी की सजा दे दी गई।

 

 

 

युद्ध के बीच खूब फांसियां दे रहा ईरान

अमेरिका-इजरायल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद ईरान कई लोगों को फांसी की सजा सुनाई। 19 मार्च को सालेह मोहम्मदी, मेहदी गसेमी और सईद दाऊदी समेत चार लोगों को फांसी दी गई। इससे पहले 18 मार्च को कुरुश कीवानी को मोसाद की खातिर जासूसी करने के नाम पर फांसी चढ़ा दिया गया। कीवानी के पास ईरानी-स्वीडिश नागरिकता थी। एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि आने वाले समय में पांच युवा प्रदर्शनकारियों को भी जल्द ईरान फांसी दे सकता है। इन्हें अज्ञात स्थान पर भेजा गया है।   


और पढ़ें