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ताज महल का सच क्या है? परेश रावल की विवादित फिल्म 'द ताज स्टोरी' हुई रिलीज

परेश रावल की फिल्म 'द ताज स्टोरी' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। आइए जानते हैं दर्शकों को यह फिल्म कैसी लगी?

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परेश रावल, Photo Credit: Paresh Rawal Insta Handle

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परेश रावल की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'द ताज स्टोरी' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म के रिलीज से पहले काफी विवाद हुआ था। विवादों पर अभिनेता परेश रावल ने कहा था कि इसमें हिंदू और मुस्लमान नहीं किया गया है। फिल्म पूरी तरह से तथ्यों पर आधारित है।

 

'द ताज स्टोरी' का निर्देशन तुषार अमरीश गोयल ने किया है। इस फिल्म में परेश रावल के अलावा जाकिर हुसैन, अमृता खानविलकर, नमित दास और स्नेहा वाघ जैसे सितारे नजर आ रहे हैं। फिल्म को लेकर दर्शक अपनी राय दे रहे हैं।

 

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दर्शकों ने फिल्म को लेकर दी प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का कहना है कि मेकर्स ने फिल्म को निष्पक्ष होकर दिखाया गया है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि यह एक प्रोपेगेंडा फिल्म है। इसके अलावा दर्शकों ने फिल्म में परेश रावल की दमदार ऐक्टिंग की खूब तारीफ की है। अभिनेता इस फिल्म की रीढ़ की हड्डी है।

 

 

 

 

'द ताज स्टोरी' की कहानी

'द ताज स्टोरी' एक कोर्ट रूम ड्रामा है जिसमें ताज महल की बनावट को लेकर सवाल किया है। ताज महल के इतिहास को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है जिसे अब पर्दे पर उतारा गया है। फिल्म में परेश रावल टूर गाइड विष्णुदास का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में परेश रावल ताज महल की सच्चाई और उसके इतिहास पर सवाल उठाते हैं और कानूनी लड़ाई लड़ते हैं। ताजमहल के उन 22 कमरों का जिक्र भी किया गया है जिसमें कई राज दफन है। अब परेश इस केस के जरिए अपने सवालों के जवाब ढूंढ पाते हैं या नहीं। यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

 

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फिल्म के रिलीज पर रोक लगाने की उठी थी मांग

 

रिलीज से कुछ दिनों पहले फिल्म द ताज स्टोरी के खिलाफ दो अलग-अलग पीआईएल जारी हुई थी। इसके बाद फिल्म को लेकर विवाद बढ़ गया था। परेश रावल ने विवादों पर जवाब देते हुए कहा था कि फिल्म किसी भी सांप्रदायिक एजेंडे को बढ़ावा नहीं देती है। हालांकि दिल्ली हाई कोर्ट ने इन दोनों जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करने से मना कर दिया था।

 


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