logo

ट्रेंडिंग:

BJP ने सारे जतन किए, फिर हाथ क्यों नहीं आ रहे थलापति विजय?

तमिलगा वेत्री कझगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 18 मार्च को साफ कर दिया कि उनकी पार्टी विधानसभा चुनावों में किसी भी दल के साथ गठबंधन में शामिल नहीं होगी।

tvk chief thalapathy vijay

थलापति विजय। Photo Credit- PTI

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए लगभग एक महीने बाद वोटिंग होगी। राज्य में 23 अप्रैल को वोटिंग और 4 मई को नतीजे सामने आएंगे। इसको देखते हुए तमिलनाडु में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य में गठबंधनों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। गठबंधन को लेकर इसमें सबसे बड़ा नाम अभिनेता से नेता बने विजय किस और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) का है। एक साल से तमिलनाडु में पूरी तरह से सक्रिय बीजेपी काफी समय से विजय की पार्टी के संपर्क में थी। बीजेपी शुरू से चाहती थी कि टीवीके एनडीए में शामिल हो जाए लेकिन विजय ने भगवा पार्टी की एक नहीं सुनी। 

 

अभी तक इसकी भी अटकलें थीं कि विजय की पार्टी से चुनाव में अकेले लड़ेगी या फिर बीजेपी के साथ जाएगी। मगर, अब विजय ने खुद साफ-साफ कर दिया है कि उनकी रणनीति चुनावों के लिए क्या है। साउथ की फिल्मों के सुपरस्टार हिरो विजय ने गुरुवार को साफ कर दिया कि उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम आगामी विधानसभा चुनावों में किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी। यानी कि टीवीके अब अकेले चुनाव लड़ेगी।

 

ऐसे में आइए जेनते हैं कि बीजेपी और उसके सीनियर नेताओं ने तमिलगा वेत्री कझगम को एनडीए में शामिल करने के लिए सारे जतन कर लिए, लेकिन थलापति विजय और उनकी पार्टी किसी के साथ नहीं गई... 

 

यह भी पढ़ें: 3 राज्यों तक क्यों फैली है केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की सीमा? इतिहास से समझिए

बीजेपी की दुविधा

तमिलनाडु में विधानसभा की 234 सीटों के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा। इसके लिए डीएमके के नेतृत्व वाले 'सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस' ने अपना गठबंधन को आकार देकर कई सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। उसने अपने सहयोगियों के लिए भी सीटें छोड़ी हैं लेकिन एनडीए में विजय के शामिल नहीं होने की वजह और AIADMK के सीट शेयरिंग को लेकर बात नहीं बन पाई है। केरल, असम और पश्चिम बंगाल में प्रत्याशी उतार चुकी बीजेपी तमिलनाडु में एक भी सीट पर उम्मीदवार नहीं उतार सकी है।

 

विजय से गठबंधन के लिए क्यों बेताब?

दरअसल, थलापति विजय तमिलनाडु में अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की स्थापना (फरवरी 2024) से लेकर अबतक कई बड़ी रैलियां करके बड़े दलों को अपनी ताकत दिखा चुके हैं। उनकी राजनीति में एट्रीं किसी सुपरस्टार की तरह हुई थी, जिसमें लाखों लोगों की भीड़ जुटी थी। इसके अलावा उनके द्वारा किए गए रोड शो के दौरान भी लोगों की हुजूम उमड़ पड़ा था। हालांकि, अभी उन्हें चुनाव लड़कर असली ताकत दिखाने का मौका नहीं मिला है। यह पहली बार है कि विजय तमिलनाडु के आगामी विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेंगे। उनकी इन्हीं रैलियों, रोड शो और लोगों के बीच बढ़ती लोकप्रियता की वजह से बीजेपी उनसे गठबंधन करना चाहती थी।

गठबंधन पर विजय ने क्या कहा?

बुधवार 18 मार्च को टीवीके प्रमुथ सुपरस्टार विजय की कुछ तस्वीरें सामने आई, जिसमें वह इफ्तार पार्टी में शामिल हुए थे। इस पार्टी में उन्होंने साफ किया कि टीवीके, एनडीए और बीजेपी के साथ नहीं जा रही है। विजय ने कहा, 'कई लोग अफवाह फैला रहे हैं कि ये उस टीम में है, इस टीम में है लेकिन उनको अब समझ आ गया है कि हम सिर्फ जनता की टीम में हैं, इस बात का आभास होने के बाद भी उन्होंने बहुत अफवाहें फैलाई लेकिन कुछ भी वर्क आउट नहीं हुई, इसी से परेशान होकर विजय इस गठबंधन में शामिल हो रहे हैं उस गठबंधन में शामिल हो रहे हैं ये कह कर एक झूठा प्रचार किया जा रहा है।'

 

 

यह भी पढ़ें: कासरगोड: LDF-UDF में होती है कांटे की टक्कर, खाता खोल पाएगी BJP?

ताकत की थाह लेना चाहते हैं विजय

विजय इस चुनाव में खुद भी लड़कर अपनी ताकत की थाह लेना चाहते हैं कि जिस तमिलनाडु की जनता ने उन्हें सर आंखों पर बैठाया वही लोग अब राजनीति में उनका कितना साथ देते हैं। इसके अलावा विजय साउथ के सुपरस्टार चिरंजीवी और पवन कल्याण की तरह ही अकेले लड़कर भविष्य के लिए अपनी स्थिती मजबूत कर रहे हैं। 2009 में अविभाजित आंध्र प्रदेश में तमिल अभिनेता चिरंजीवी की नई पार्टी 'प्रजा राज्यम पार्टी' बनाकर चुनाव लड़े थे। 

 

उन्होंने अपने पहले ही चुनाव में 16 फीसदी वोट हासिल किया था, मगर वह 294 सदस्यीय विधानसभा में 18 सीटें ही जीत सके थे। हालांकि, बाद में मेगास्टार चिरंजीवी और कांग्रेस में बात बन गई और उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया। चिरंजीवी बाद में कांग्रेस की मनमोहन सरकार में केंद्रीय मंत्री बने। इसी समझौते के तहत चिरंजीवी की पार्टी को एक राज्यसभा की सीट आई थी। 

 

भविष्य पर काम कर रहे विजय?

इसके अलावा सुपरस्टार पवन कल्याण ने अपनी नई पार्टी 'जनसेना' बनाई। वह सबसे पहले 2019 में पहली बार अकेले चुनाव लड़े। अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में जनसेना ने 5.5 फीसदी वोट हासिल करते हुए एक सीट जीती। पांच साल बाद 2024 में अपने पिछले प्रदर्शन के बदौलत पवन कल्याण की पार्टी जनसेना ने तेलुगु देशम पार्टी और बीजेपी के साथ गठबंधन किया और चुनाव लड़ी। इस चुनाव में 6.87 फीसदी वोट पाते हुए कुल 21 विधानसभा सीटें जीत लीं। इसी धौर्य के कारण आज पवन कल्याण आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री हैं।

 

यही वजह है कि विजय और उनकी पार्टी तमिलनाडु विधानसभा में किसी भी दल के साथ गठबंधन में शामिल ना होकर अकेले चुनाव में उतरने जा रही है। चुनाव बाद बने समीकरणों के बाद वह आगे की रणनीति पर काम कर सकते हैं।


और पढ़ें