पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रुझान आ गए हैं और इस रुझान ने पूरी राजनीति बदल दी है।भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) लगभग 190 सीटों पर आगे चल रही है, जो सरकार बनाने के लिए काफी है। वहीं ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी सिर्फ 94 सीटों पर सिमटती दिख रही है। एक तरफ जीत की खुशी है तो दूसरी तरफ हार का गम है।
रुझान आते ही बीजेपी कार्यकर्ता सड़कों पर निकल आए। कोलकाता के बीजेपी दफ्तर के बाहर बड़ी भीड़ लग गई। लोग मिठाई बांट रहे हैं और नाच-गाकर खुशियां मना रहे हैं। हावड़ा में भी कार्यकर्ता सड़कों पर जश्न मना रहे हैं। सबका कहना है कि यह रुझान बंगाल में बड़े बदलाव की शुरुआत है।
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ममता बनर्जी के घर के बाहर नारेबाजी
कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर के बाहर भी बीजेपी कार्यकर्ता पहुंच गए। वहां जमकर 'जय श्री राम' के नारे लगाए गए। जिस इलाके में पहले हमेशा टीएमसी का बोलबाला रहता था, आज वहां विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ता जोर-शोर से नारे लगा रहे थे। यह नजारा बता रहा था कि राज्य में सत्ता बदलने वाली है।
दिल्ली और बंगाल मुख्यालय में पसरी खामोशी
दिल्ली में टीएमसी के दफ्तर का हाल बिल्कुल अलग था। सुबह जहां समर्थक जीत की उम्मीद लेकर आए थे दोपहर तक वहां सब खाली हो गया। बंगाल के भी कई टीएमसी दफ्तरों में यही हाल था। नेता और कार्यकर्ता कैमरों से बचते नजर आ रहे थे। हार की मायूसी हर चेहरे पर दिख रही थी।
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टीएमसी को लेकर उठे सवाल
इन नतीजों के बाद टीएमसी के बिखरने की बात भी होने लगी है। सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सत्ता जाने के बाद पार्टी टूट सकती है। कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा और श्यामी घोष जैसे बड़े नेता अलग रास्ता चुन सकते हैं। ऐसे में टीएमसी के लिए पार्टी को एक रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी।