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दक्षिण दिनाजपुर: 6 सीटों में से 3-3 पर TMC-BJP का कब्जा, कौन मारेगा बाजी?

दक्षिण दिनाजपुर जिले में छह विधानसभा सीट हैं। इन छह सीटों में से तीन टीएमसी और तीन बीजेपी के पास हैं।

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दक्षिण दिनाजपुर जिला। Photo Credit- Khabargaon

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दक्षिण दिनाजपुर जिला तीन तरफ से बाग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा रेडक्लिफ लाइन से लगा हुआ है। इसकी सीमाएं उत्तर, पश्चिम और दक्षिण बांग्लादेश से लगती हैं। यह जिला अगस्त 1992 में अस्तित्व में आया। दक्षिण दिनाजपुर जिले में एक ऐसा इलाका है, जो पुराने समय में पुंड्रावर्धन के राज्य, यानी पुंड्रों के देश का हिस्सा था। हरिषेण के बृहत्कथाकोश के मुताबिक, सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के जैन गुरु भद्रबाहु यहां रहते थे। 1937-41 में बनगढ़ में खुदाई के दौरान मिली कुछ मिट्टी की सीलों पर मिले शिलालेखों के मुताबिक, पता चला है कि यह इलाका मौर्य साम्राज्य में शामिल था। इतिहास में इस पूरे इलाके का उल्लेख मिलता है। हालांकि, 1992 में दिनाजपुर जिले को और बांटकर उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर जिला बना दिया गया।
 
वर्तमान में दक्षिण दिनाजपुर के दक्षिण-पूर्व में मालदा जिला और इसके ठीक ऊपर उत्तर दिनाजपुर जिला आते हैं। जिले से अत्राई नदी होकर बहती है, जो यहां के लोगों की जीवनदायिनी है। दक्षिण दिनाजपुर नॉर्थ बंगाल के ठीक बीच में स्थित है। यहां इतिहास और संस्कृति का संगम दिखाता है। मगर, वर्तमान में आधुनिक दक्षिण दिनाजपुर एकदम से बदल चुका है। यहां का प्रशासन बंगाल सरकार द्वारा गठित प्रशासनिनक अधिकारी देखते हैं और यहां के विकास में योगदान देते हैं।

 

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दिनाजपुर का इतिहास 

भारत के बंटवारे के समय सिर्फ दिनाजपुर जिला हुआ करता था। मगर देश के बंटवारे के साथ ही यह पश्चिम दिनाजपुर जिला और पूर्वी दिनाजपुर में बंट गया था। पूर्वी दिनाजपुर जिले को अब दिनाजपुर कहा जाता है। दिनाजपुर (पूर्वी पाकिस्तान) अब बांग्लादेश का हिस्सा बन गया। साल 1956 में जब स्टेट्स रीऑर्गेनाइजेशन एक्ट की सिफारिशें लागू की गईं, तो बिहार के कुछ इलाकों को मिलाकर पश्चिम दिनाजपुर जिले को बड़ा किया गया। 1 अप्रैल 1992 को जिले को उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर में बांट दिया गया।

जिले की तहसील और ब्लॉक

दक्षिण दिनाजपुर जिले में दो सब-डिवीजन हैं। यह डिवीजन बालुरघाट, गंगारामपुर और बुनियादपुर हैं। वहीं, जिले में 8 ब्लॉक हैं। इनमें बालुरघाट, गंगारामपुर, तपन, कुमारगंज, हरिरामपुर, कुशमंडी, हिली और बंशीहारी शामिल हैं। 

 

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जिले में विधानसभा सीटें 

दक्षिण दिनाजपुर जिले में कुल 6 विधानसभा सीटे हैं। ये विधानसभा सीटें कुशमंडी (एससी), कुमारगंज, बालुरघाट, तपन (एसटी), गंगारामपुर (एससी), हरिरामपुर हैं। यह सभी विधानसभा सीटें बालुरघाट लोकसभा में आती हैं। पिछले 2021 के चुनाव में यहां दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला था। बीजेपी और टीएमसी के बीच यहां बराबर का मुकाबला देखने को मिला था। दोनों पार्टियों ने छह में से तीन-तीन सीटें अपने नाम की थीं। कुशमंडी (एससी), कुमारगंज और हरिरामपुर टीएमसी ने जीती थीं, जबकि बालुरघाट, तपन (एसटी), गंगारामपुर (एससी) ने जीती थी।

 

दक्षिण दिनाजपुर में मुख्य रूप से हिंदू और मुस्लिम आबादी रहती हैं। यहां 73.55 फीसदी हिंदू और 24.63 फीसदी मुस्लिम आबादी है। इसके अलावा यहां 1.48 फीसदी ईसाई और 0.17 फीसदी आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं। 

 

धार्मिक स्थल

 

कूच बिहार में बोला काली मंदिर, बिनशिरा रोथ यात्रा, राधा गोबिंदो मंदिर जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं।

सामाजिक ताना बाना

साल 2011 की जनगणना के मुताबिक दक्षिण दिजनापुर की कुल जनसंख्या 16,70,931 है। इनमें 857,199 पुरुष और 819,077 महिलाएं हैं। यहां 1000 पुरुषों में 954 महिलाएं हैं। अगर सामाजिक ताने-बाने की बात करें तो हुगली में 73.55 फीसद हिंदू और 24.63 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है।

दक्षिण दिनाजपुर में कौन मजबूत

2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 6 में से 3 विधानसभा सीटों पर कब्जा जमाया था। टीएमसी ने भी तीन सीटों पर जीत दर्ज की थी। बंगाल में बीजेपी जिन जिलों में मजबूत स्थिती में है, उन जिलों में से दक्षिण दिनाजपुर भी है। 2019 और 2024 के लोकसभा (बालुरघाट) चुनाव में यहां से बीजेपी के सुकांत मजूमदार चुनाव जीते थे। इस बार उनको मोदी सरकार में मंत्री बनाया गया है। इस लिहाज से इस बार के विधानसभा चुनाव में दोनों दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

जिले की स्थिति

क्षेत्रफल- 2,162 वर्ग किलोमीटर
साक्षरता दर- 73.86%
विधानसभा सीटें- 06
नगर पालिका- 3
नगर निगम- 1
ब्लॉक- 08
ग्राम पंचायत- 64


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