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मांझी को ज्यादा सीटों की चाह, कहा- चिराग मेच्योर नहीं हैं

मांझी ने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद एनडीए में सीटों को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार 225 सीटों पर एनडीए की जीत होगी।

Jitan Ram Manjhi । Photo Credit: PTI

जीतनराम मांझी । Photo Credit: PTI

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संजय सिंह, पटनाः केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी का कहना है कि अपनी पार्टी को मान्यता दिलाने के लिए उन्हें अधिक सीटें चाहिए, लेकिन इसकी मांग वे सार्वजनिक रूप से नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान हर बैठक में लगातार अधिक सीटों की मांग करते हैं। वहीं, महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा पूरी तरह फ्लॉप रही है और जनता ने महागठबंधन को नकार दिया है।

 

मांझी रविवार को भागलपुर में जनसमर्थन सभा में शामिल हुए। उन्होंने खास बातचीत में कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद एनडीए में सीटों को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट करेंगे। उनकी पार्टी अब तक निबंधित है, लेकिन मान्यता अभी नहीं मिली है।

 

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मान्यता पाने की कोशिश

मांझी ने बताया कि मान्यता तभी मिलती है जब पार्टी चुनाव में पर्याप्त वोट हासिल करे। इसके साथ ही संबंधित दल का उम्मीदवार सात या आठ सीटों पर जीत हासिल करे। फिलहाल यह संख्या उनके लिए कम है। इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए उनकी पार्टी द्वारा लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में उनकी पार्टी 18 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, और इस बार स्थिति और बेहतर है। इस बार 225 सीटों पर एनडीए की विजय होगी।

 

चिराग पासवान के संबंध में पूछे जाने पर मांझी ने कहा कि उनकी राजनीतिक विचारधारा अलग है। वे हर बार बैठकों में ज्यादा सीटों की मांग करते हैं। मांझी ने चिराग में परिपक्वता की कमी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनाव भीड़ जुटाकर नहीं जीता जा सकता, बल्कि चुनाव जीतने के लिए जनता को विश्वास में लेना जरूरी है।

प्रदेश में हुआ विकास

मांझी ने यह भी कहा कि पहले विरोधी उनके खिलाफ स्पेशल पैकेज नहीं देने का उपहास उड़ाते थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रदेश में इतनी योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन हुआ कि विरोधियों की बोलती बंद हो गई। बिहार में बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में व्यापक विकास हुआ है। रोजगार और नौकरी के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।

 

राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा को मांझी ने पूरी तरह फ्लॉप बताया। उन्होंने कहा कि बिहार में कांग्रेस की जड़ पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। उन्होंने राहुल गांधी को ‘सूखे वृक्ष में पानी डालने’ के प्रयास के रूप में बताया।

दशरथ मांझी का किया जिक्र

मांझी ने दशरथ मांझी के परिवार को घर की चाभी सौंपने के सवाल पर कहा कि दशरथ मांझी का पुत्र लालची है। उन्होंने बताया कि दशरथ मांझी का घर बहुत पहले ही बनवा दिया गया था।

 

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इसके अलावा, मांझी ने कहा कि वोटर अधिकार यात्रा के दौरान अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल निंदनीय है। अश्लील शब्दों का उपयोग कर कोई व्यक्ति राजनीति में आगे नहीं बढ़ सकता।

 


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