logo

मूड

दागी, बागी, दबंग, अमीर, अनपढ़ या गरीब..., कैसे हैं असम के विधानसभा प्रत्याशी?

असम विधानसभा चुनाव में उतरे कई प्रत्याशियों पर अपराध के संगीन मुकदमे दर्ज हैं। कुछ प्रत्याशी आठवीं पास हैं, कुछ ने अच्छी पढ़ाई की है। पढ़ें रिपोर्ट।

Assam

हिमंत बिस्व सरमा, भूपेन बोरा, गौरव गोगोई, बदरुद्दीन अजमल। Photo Credit: Khabargaon

शेयर करें

google_follow_us
Advertisement

असम में विधानसभा चुनावों की उलटी गिनती शुरू हो गई है। मतदान की तारीख में एक हफ्ते से भी कम समय बचा है। राज्य की 126 विधानसभा सीटों के लिए 700 से ज्यादा प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं। इन प्रत्याशियों में बाहुबली, अपराधी, दागी, बागी, गरीब और अमीर, हर तबके के लोग शामिल हैं। असम में सत्तारूढ़ दल से लेकर विपक्ष तक, हर गुट के प्रत्याशियों में दागी उम्मीदवारों की लंबी फेहरिस्त है। 

असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए नामांकन दाखिल करने वाले सभी 722 उम्मीदवारों का आपराधिक, वित्तीय, शैक्षणिक और दूसरे विवरणों का विश्लेषण एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने किया है। असम इलेक्शन वॉच की अगुवाई में तैयार यह रिपोर्ट, बेहद चौंकाने वाली है। जो पार्टियां, दागदार होने का दावा कर रही हैं, उनके कई प्रत्याशी संदेह के घेरे में हैं। 

यह भी पढ़ें: महिलाओं को कैश, 25 लाख का बीमा, जमीन पर हक; असम कांग्रेस ने खोला वादों का पिटारा

102 पर आपराधिक केस, 12% पर गंभीर मुकदमे

असम के कुल 722 उम्मीदवारों में से 102 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं। करीब 14 फीसदी उम्मीदवारों ने चुनावी हलफनामे में यह माना है कि उन पर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। 11 फीसदी उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनके खिलाफ दर्ज मुकदमे, गंभीर किस्म के हैं। 2021 के चुनाव में 941 उम्मीदवारों में 15 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले थे और 12 प्रतिशत प्रत्याशियों पर गंभीर अपराध के मुकदमे दर्ज थे।   

किस पार्टी में कितने अपराधिक मामले?

  • सामान्य अपराध
  • कांग्रेस: 99 उम्मीदवार, 28 पर आपराधिक केस (28%)
  • बीजेपी: 90 उम्मीदवार, 8 पर आपराधिक केस (9%)
  • AIUDF: 30 उम्मीदवार, 11 पर आपराधिक केस (37%)
  • असम गण परिषद: 26 उम्मीदवार, 6 पर आपराधिक केस (23%)
  • रायजोर दल: 13 उम्मीदवार, 2 पर आपराधिक केस (15%)
  • असम जातीय परिषद: 10 उम्मीदवार, 2 पर आपराधिक केस (20%)
  • CPI(ML)(L): 3 उम्मीदवार, 1 पर आपराधिक केस, (33%)

गंभीर आपराधिक मामलों में कौन आगे है?

  • कांग्रेस: 29%
  • बीजेपी: 9%
  • AIUDF: 30%
  • AGP: 19%

दो उम्मीदवारों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले घोषित किए हैं, जबकि 9 उम्मीदवारों ने हत्या के प्रयास (धारा 307) के मामले घोषित किए हैं। 

ADR की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद पार्टियां आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट देने से नहीं हिचक रही हैं। पार्टियों ने आपराधिक मुकदमों के पीछे लोकप्रियता या राजनीतिक साजिश जैसे आधार दिए हैं, जो पर्याप्त नहीं हैं।

यह भी पढ़ें: कमजोर संगठन, भागते चेहरे, सियासी उलझन, 10 साल से असम में कहां अटकी रही कांग्रेस?

कौन कितने हैं करोड़पति?

असम के कुल 722 में से 285, करीब 39 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं। 2021 में यह आंकड़ा 28 प्रतिशत था। कुल उम्मीदवारों की संपत्ति 2,352 करोड़ रुपये है। प्रति उम्मीदवार औसत संपत्ति 3.25 करोड़ रुपये है। यह साल 2021 के 2.10 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

पार्टीवार करोड़पति उम्मीदवार कौन हैं?

  • BJP: 88%
  • कांग्रेस: 61%
  • AIUDF: 53%
  • AGP: 69%
  • UPPL: 56%
  • रायजोर दल: 46%
  • बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट: 82%
  • असम जातीय परिषद: 70%

पार्टीवार औसत संपत्ति कितनी है?

  • कांग्रेस 6.92 करोड़ रुपये
  • बीजेपी: 7.01 करोड़ रुपये
  • AIUDF: 9.88 करोड़ रुपये
  • असम गण परिषद: 3.38 करोड़ रुपये
  • रायजोर दल: 1.04 करोड़ रुपये
  • बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट: 9.33 करोड़ रुपये
  • असम जातीय परिषद: 5.46 करोड़ रुपये 

कितने पढ़े-लिखे हैं असम के उम्मीदवार?

45 प्रतिशत उम्मीदवारों ने 5वीं से 12वीं तक की पढ़ाई घोषित की है, जबकि 53 प्रतिशत ग्रेजुएट या उससे ऊपर हैं। 12 डिप्लोमा धारक और 3 सिर्फ साक्षर हैं। 

यह भी पढ़ें: तीन हिस्सों में बंटा असम, 1 में बीजेपी, 1 में कांग्रेस और एक बना किंगमेकर

कितनी उम्र है?

24 प्रतिशत उम्मीदवार 25-40 वर्ष के हैं। 60 प्रतिशत उम्मीदवार 41-60 वर्ष के बीच में हैं। 16 प्रतिशत 61-80 वर्ष के हैं। कुल 8 प्रतिशत महिला उम्मीदवार हैं। यह आंकड़ा 2021 के आंकड़ों से मिलता-जुलता है।

5 साल में कितनी बढ़ी विधायकों की संपत्ति?

असम चुनाव में 83 विधायकों को फिर से चुनाव लड़ने का मौका मिला है। साल 2021 में उनकी औसत संपत्ति करीब 4.17 करोड़ रुपये थे, 2026 तक यह बढ़कर 7.52 करोड़ रुपये हो गई। 5 साल में औसत वृद्धि 3.34 करोड़ रुपये की हुई है। विधायकों की संपत्ति, करीब 80 फीसदी तक बढ़ गई है।


और पढ़ें