भारत सरकार और तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने आम जनता, खासकर छात्रों और प्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर की व्यवस्था की है। इसे 'छोटू' या 'फ्री ट्रेड एलपीजी' (FTL) सिलेंडर भी कहा जाता है। इस सिलेंडर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे पाना बहुत आसान है और इसके लिए आपको भारी-भरकम कागजी कार्यवाही नहीं करनी पड़ती।

 

अब 5 किलो वाला सिलेंडर लेने के लिए आपको किसी भी 'रेसिडेंशियल एड्रेस प्रूफ' की आवश्यकता नहीं है। यह नियम उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो काम या पढ़ाई के सिलसिले में अक्सर अपना शहर या किराए का कमरा बदलते रहते हैं। आप बिना किसी झंझट के इसे तुरंत पा सकते हैं।

 

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आवेदन का तरीका

अक्सर नए शहर में रहने वालों के पास स्थानीय पते का सबूत (Local Address Proof) नहीं होता, जिससे बड़ा सिलेंडर लेना मुश्किल हो जाता है।

 

एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं: 5 किलो वाले एफटीएल सिलेंडर के लिए किसी भी तरह के आवासीय प्रमाण या पते के सबूत की जरूरत नहीं है।

 

पहचान पत्र ही काफी है: आपको बस अपनी पहचान साबित करने के लिए एक फोटो आईडी देनी होती है।

 

तुरंत कनेक्शन: आप अपनी आईडी दिखाकर सीधे एजेंसी या अधिकृत सेंटर से सिलेंडर खरीद सकते हैं। इसके लिए कोई वेटिंग पीरियड नहीं होता।

जरूरी दस्तावेजों की पूरी लिस्ट

कनेक्शन लेते समय आपको इनमें से कोई भी एक दस्तावेज देना अनिवार्य है ताकि आपकी पहचान का रिकॉर्ड रखा जा सके।

 

आधार कार्ड: यह सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला दस्तावेज है।

 

वोटर आईडी: चुनाव आयोग द्वारा जारी पहचान पत्र।

 

पैन कार्ड: आयकर विभाग का कार्ड।

 

ड्राइविंग लाइसेंस: वाहन चलाने का कानूनी लाइसेंस।

 

पासपोर्ट या सरकारी आईडी: केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी कोई भी फोटो पहचान पत्र।

बुकिंग के नियम

सिलेंडर की उपलब्धता बनाए रखने और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने रिफिलिंग के लिए कुछ समय सीमा (Lock-in Period) तय किए हैं।

 

शहरी इलाकों के लिए नियम: अगर आप शहर में रहते हैं , तो एक बार सिलेंडर लेने के बाद आप 25 दिन बीत जाने पर ही दूसरा सिलेंडर भरवा सकते हैं।

 

ग्रामीण इलाकों के लिए नियम: गांव या देहाती इलाकों में रहने वालों के लिए यह समय सीमा 45 दिन रखी गई है।

 

रिफिल का तरीका: आप अपने पास की किसी भी अधिकृत दुकान या पेट्रोल पंप पर खाली सिलेंडर ले जाकर, सिर्फ गैस के पैसे देकर भरा हुआ सिलेंडर तुरंत ले सकते हैं।

कीमत और उपलब्धता की पूरी जानकारी

यह सिलेंडर बाजार में अलग-अलग कंपनियों के नाम से मिलता है, जैसे इंडेन का 'छोटू', भारत गैस का 'मिनी' और एचपी का 'अप्पू'।

 

शुरुआती खर्च: पहली बार सिलेंडर खरीदते समय आपको सिलेंडर की सिक्योरिटी, रेगुलेटर, सुरक्षा पाइप और गैस की कीमत देनी होती है। यह पूरा खर्च लगभग 1450 रुपये से 1700 रुपये के बीच होता है।

 

गैस की कीमत: जब आप अगली बार रिफिल कराते हैं, तो आपको सिर्फ गैस की करेंट रेट देनी होगी।

 

कहां से खरीदें: यह गैस एजेंसियों के अलावा कुछ पेट्रोल पंपों, किराना स्टोर और डिपार्टमेंटल स्टोर पर भी मिलेगा।

 

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डिजिटल वेरिफिकेशन का तरीका

गैस सिलेंडर के उपयोग में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

 

ओटीपी वेरिफिकेशन: अब कई जगहों पर बुकिंग  के समय मोबाइल पर ओटीपी आता है, जिसे बताने पर ही सिलेंडर दिया जाता है।

 

सील की जांच: सिलेंडर लेते समय हमेशा कन्फर्म करें कि कंपनी की सील लगी हुई है।

 

एक्सपायरी डेट: सिलेंडर के हैंडल पर लिखी तारीख को जरूर देखें ताकि सुरक्षा से समझौता न हो।

 

सुरक्षित पाइप: हमेशा आईएसआई (ISI) मार्क वाले सुरक्षा पाइप का ही इस्तेमाल करें।