तमिलनाडु की विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने उदयनिधि स्टालिन के एक बयान से खलबली मच गई है। नई विधानसभा के पहले ही सत्र में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के नेता उदयनिधि ने कहा है कि सनातन ने लोगों को बांटने का काम करता है और इसे खत्म कर दिया जाना चाहिए। अब उनके इस बयान पर खलबली मच गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उनके साथ-साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी को घेरा है। बीजेपी ने कहा उदयनिधि स्टालिन के बारे में कहा है कि वह तमिलनाडु के राहुल गांधी हैं। उदयनिधि स्टालिन ने इससे पहले भी इसी तरह के बयान दिए थे और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी।

 

तमिलनाडु की पिछली सरकार में डिप्टी सीएम रहे उदयनिधि इस बार भी अपनी सीट जीते हैं और वह नेता प्रतिपक्ष चुने गए हैं। विधायकों के शपथ ग्रहण के अगले ही दिन उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि वह और मुख्यमंत्री विजय एक ही कॉलेज से पढ़े हैं और दोनों अपने अनुभव शेयर करेंगे। उन्होंने विजय के उनके घर जाकर पूर्व सीएम स्टालिन और अन्य दलों के नेताओं से मिलने की तारीफ भी की और कहा कि राजनीति में ऐसी तस्वीरें आती रहनी चाहिए।

 

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स्टालिन के बयान पर क्यों मचा बवाल?

 

पहले भी सनातन के खिलाफ बयान देते रहे उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को विधानसभा में कहा, 'सनातन लोगों को बांटता है और इसे खत्म कर दिया जाना चाहिए।' उन्होंने राज्य के तमिल गान को लेकर सवाल उठाते हुए कहा, 'तमिल राज्य गान को तीसरे नंबर पर बजाया गया और विपक्षी पार्टियों ने इस पर चिंता जताई। सत्ताधारी दल स्पष्टीकरण दिया। पश्चिम बंगाल में तो वंदे मातरम नहीं बजा लेकिन यहां बजाया गया। आप जानते हैं कि वहां (बंगाल में) गवर्नर कौन है? जब वही यहां गवर्नर थे तो वह क्या चाहते थे? सरकार को यह नहीं होने देना चाहिए।'

उनके इसी बयान पर उन्हें आड़े हाथ लेते हुए बीजेपी नेता सी आर केशवन ने कहा है, 'उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु के राहुल गांधी गांधी हैं और वह विभाजनकारी और नफरत की राजनीति कर रहे हैं। राहुल गांधी ने पवित्र सेंगोल का मजाक उड़ाया था और राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का बॉयकॉट किया था। जैसे राहुल गांधी को पिछले 3 लोकसभा चुनाव से रिजेक्ट किया जा रहा है, वैसे ही उदयनिधि स्टालिन को तमिल लोगों ने बाहर कर दिया लेकिन उनकी बयानबाजी अभी भी जारी है।'

 

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इससे पहले, टीवीके के नेता जे प्रभाकर को तमिलनाडु विधानसभा का स्पीकर चुना गया। उदयनिधि स्टालिन ने इस मौके पर मुख्यमंत्री विजय की तारीफ की कि वह डीएमके के नेताओं से मिले।