पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों के खिलाफ हो रही सख्त कार्रवाई और वहां की सरकार की पुशबैक नीति के बाद अब इसका सीधा असर बिहार के सीमांचल इलाके में भी साफ दिखने लगा है। बंगाल में लगातार चल रही धरपकड़ की वजह से कटिहार पुलिस को यह आशंका है कि संदिग्ध लोग अब बिहार के सीमावर्ती इलाकों में शरण लेने की कोशिश कर सकते हैं। इस खतरे को देखते हुए कटिहार प्रशासन ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को बहुत कड़ा कर दिया है और अब गांवों से लेकर नदी घाटों तक हर जगह पुलिस की कड़ी नजर है।
कटिहार का करीब 90 किलोमीटर का इलाका पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा हुआ है। अमदाबाद, बारसोई, आजमनगर, प्राणपुर और बलरामपुर जैसे प्रखंडों में ऐसे कई गांव हैं जहां सड़क के एक तरफ बिहार और दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल पड़ता है। प्रशासन को डर है कि बंगाल में दबाव बढ़ने के बाद संदिग्ध लोग इन रास्तों का फायदा उठा सकते हैं। इसी वजह से पुलिस ने सीमा वाली सड़कों पर चेक पोस्ट बनाकर सभी वाहनों की जांच शुरू कर दी है और हर नए चेहरे पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
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गांवों में बढ़ाई निगरानी
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पुलिस ने गांव के चौकीदारों, पंचायत के मुखिया और दूसरे लोगों को पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा है। पुलिस ने अपनी जानकारी जुटाने वाली टीम को भी बहुत आगाह कर दिया है। अमदाबाद के चौकिया पहाड़पुर, भवानीपुर खट्टी, दुर्गापुर और लखनपुर पंचायत के इलाकों में पुलिस की पहरेदारी काफी बढ़ा दी गई है। यहां हरिमोहन चौक और भगवान टोला के पास रुक-रुक कर जांच अभियान चलाया जा रहा है। महानंदा नदी के किनारे बसे गांवों को लेकर पुलिस ज्यादा चिंता में है क्योंकि नदी के रास्तों से लोग चोरी-छिपे आ-जा सकते हैं जो सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती है।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई पहरेदारी
बारसोई नाम के इलाके को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इसकी सीमा बंगाल के मालदा और उत्तर दिनाजपुर जिले से करीब 35 किलोमीटर तक जुड़ी हुई है। यहां संकोला, स्वरूपगंज और करणपुर-बिलासपुर जैसे इलाकों में चेक पोस्ट लगाकर निगरानी को और बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा बारीओल घाट, तारापुर-गोराहार घाट, डमडोलिया-वाजिदपुर घाट और बाहिन घाट जैसे नदी के रास्तों पर पुलिस की कड़ी नजर है जहां नावों का चलना-फिरना लगा रहता है। पुलिस इन घाटों को लेकर बहुत सतर्क है।
प्राणपुर और आजमनगर में भी लगातार पुलिस पहरेदारी कर रही है। गौरीपुर पंचायत में बिहार और बंगाल के चेक पोस्ट एक-दूसरे से सिर्फ 500 मीटर की दूरी पर हैं वहां हर छोटी और बड़ी गाड़ी को रोककर जांच की जा रही है। बलियापारा, पंका और बथना-राही जैसे गांवों के लोगों से भी अपील की गई है कि वे अपने आसपास नजर रखें और किसी भी अनजान व्यक्ति को देखते ही तुरंत पुलिस को बताएं। बलरामपुर के शरीफनगर, महिशाल, फतेहपुर, भेमियाल और लोहगरा पंचायतों के आसपास भी सुरक्षा बहुत कड़ी कर दी गई है।
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पुलिस प्रशासन की अपील
कटिहार के एसपी शिखर चौधरी ने साफ तौर पर कहा है कि सीमांचल में घुसपैठ की आशंका को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। उन्होंने सीमा से सटे सभी थानों को खास निर्देश दिए हैं कि वे पूरी सावधानी बरतें। साथ ही वे पश्चिम बंगाल की पुलिस और प्रशासन के साथ भी लगातार बातचीत कर रहे हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत और बड़ी कार्रवाई की जा सके।
