नरेंद्र मोदी सरकार का संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 लोकसभा में पास नहीं हो सका। कांग्रेस ने इस विधेयक के असफल रहने पर खुशी जाहिर की है। कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) संविधान और राज्यों के खिलाफ साजिश रच रही है, जो अब नाकाम हो गई है। प्रियंका गांधी ने कहा कि बीजेपी महिलाओं का इस्तेमाल करना चाह रही थी। बीजेपी इसी बयान को लेकर भड़क गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद और स्मृति ईरानी ने इसे लेकर कांग्रेस पर पलटवार किया है। 

प्रियंका गांधी ने कहा, 'देश की जनता जागरूक है, सरकार उसे गुमराह नहीं कर सकती। भारत की जनता देख रही है कि मोदी सरकार सिर्फ मीडियाबाजी और PR पर टिकी हुई है और इसमें उनके करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। अमित शाह जी कल कह रहे थे कि हम पर भरोसा करिए, लेकिन असलियत यही है कि जनता का भरोसा इस सरकार से उठ चुका है।'
 

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प्रियंका गांधी, सांसद, कांग्रेस:-
मुझे लगता है कि यह एक साज़िश है कि किसी तरह उन्हें सत्ता में बने रहना है। इसलिए इसे हासिल करने के लिए, वे महिलाओं का इस्तेमाल करके हमेशा सत्ता में बने रहने की प्लानिंग कर रहे हैं। उन्होंने सोचा कि अगर यह पास हो गया तो वे जीत जाएंगे। अगर यह पास नहीं हुआ तो वे दूसरी पार्टियों को महिला विरोधी बताकर महिलाओं के मसीहा बन जाएंगे। हम जानते हैं कि महिलाओं के लिए मसीहा बनना आसान नहीं है।

महिला सम्मान पर कैसे घिरी बीजेपी?

बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'मैं प्रियंका गांधी पर कुछ नहीं बोलता। पहली बार उन पर बोल रहा हूं। उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्प्रेंस में कहा कि महिला का इस्तेमाल करना चाहते हैं। क्या देश की नारी इस्तेमाल का विषय है। यहा कांग्रेस पार्टी की एक महिला सांसद, जो प्रीमियर परिवार से आती हैं, वह बोल रहीं हैं। महिला कमोडिटी है, जिसका इस्तेमाल हो सकता है। महिला देश की नारी है, दुर्गा है, काली, भारत की आध्यात्मिक विरासत की प्रतीक है। हम बीजेपी के मंच से भर्त्सना करते हैं। 

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स्मृति ईरानी ने भी जमकर लताड़ा?

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, 'देश की महिलाओं से कहा गया था कि कांग्रेस पार्टी ने एक ऐसा सपना दिखाया है जिसका मकसद महिलाओं के लिए राजनीतिक अधिकार सुरक्षित करना है। 98 साल बाद उस मकसद का क्या हुआ, यह कल पूरे देश की महिलाओं ने देश की संसद में देखा। कांग्रेस पार्टी ने कल मुस्कुराते हुए, मेजें थपथपाते हुए और राजनीतिक तौर पर जश्न मनाते हुए देश की राजनीतिक जागृति की आकांक्षाओं को कुचल दिया। लेकिन BJP के लिए, यह सिर्फ सत्ता के लिए संघर्ष नहीं है; यह समानता के अधिकार की लड़ाई है।'

स्मृति ईरानी, नेता, बीजेपी:-
महिलाएं याद रखेंगी कि कांग्रेस के छह दशकों के शासन के दौरान, इस देश में 11 करोड़ महिलाओं को शौचालय की सुविधा से वंचित रखा गया था। महिलाएं याद रखेंगी कि 25 करोड़ महिलाओं को बैंक खाते खोलने में मदद नहीं दी गई थी। महिलाएं याद रखेंगी कि BJP-NDA के शासन में, पहली बार जेंडर बजट फ्रेमवर्क पेश किया गया था।

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विरोधी पार्टियों को घेरा?

स्मृति ईरानी ने कहा, 'कांग्रेस और उसकी समर्थक पार्टियों ने इस बात का जश्न मनाया कि इस देश की संघर्षरत राजनीतिक महिलाएं, जो सालों से काम कर रही हैं और सिर्फ 33% अधिकारों की मांग कर रही थीं, उन्हें कैसे उनके अधिकारों से वंचित किया जाए, उनकी गरिमा को कैसे ठेस पहुंचाई जाए और संसद में यह लड़ाई कैसे जीती जाए।'

स्मृति ईरानी ने कहा, 'आज, कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह तंज कसा गया कि BJP में कुछ लोगों ने मसीहा बनने की कोशिश की। मैं हैरान हूं कि कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कहा गया कि वे 2023 में पारित बिल का समर्थन करते हैं, जिसमें परिसीमन का जिक्र है। लेकिन कांग्रेस का पाखंड देखिए, वे साथ ही यह भी कहते हैं कि उन्हें परिसीमन के लिए बनी समिति और व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। कांग्रेस को देश की संवैधानिक व्यवस्था पर, संसद पर, या देश की महिलाओं पर कोई भरोसा नहीं है। कांग्रेस ने देश की महिलाओं के सामने अपना क्रूर चेहरा बेनकाब कर दिया है।'